बाघ का आतंकः दहाई तक पहुंचा आंकड़ा
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रामगंगा बांध के पास रविवार को बाघ ने एक श्रमिक को निवाला बना दिया। वन विभाग ने मृतक के परिवार को तीन लाख और सिंचाई विभाग ने ढाई लाख रुपये आर्थिक मदद देने की घोषणा की।
ये घटना उस वक्त हुई जब रविवार को लगभग एक बजे रामगंगा बांध का ठेकेदार योगेश कुमार कालागढ़ नई कालोनी निवासी श्रमिक रामचरण पुत्र हरभजन सिंह को कार से सैडिल बांध ले जा रहा था।
कैसे किया बाघ ने हमला
मीरा स्रोत का पुल पार करने के बाद रामचरण कार से जैसे ही उतरा झाड़ी में छिपे बाघ ने उस पर हमला कर दिया।
बाघ रामशरण को झाड़ी में खींचने लगा तो योगेश ने शोर मचा दिया। पास से ही गुजर रहे चार युवकों ने भी बाघ को देख तो चिल्लाने लगे।
शोर सुनकर बाघ भाग गया। घायल रामचरण को रामगंगा बांध अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
मुआवजे और नौकरी की मांग
कार्यालय के सामने शव रखकर लोगों ने विभागीय अधिकारियों से सुरक्षा, मुआवजे और नौकरी की मांग की।
मौके पर पहुंचे कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक डॉ. साकेत बड़ोला ने पीड़ित परिवार को तीन लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की।
वहीं रामगंगा बांध के अधीक्षण अभियंता एनके शर्मा ने भी ढाई लाख रुपये सहयोग राशि देने की घोषणा की।