{"_id":"0813b86077310b618ba8a9b1688e5d44","slug":"the-letter-of-thief","type":"story","status":"publish","title_hn":"चोरी के बाद भगवान के चरणों में मिला चोर का पत्र, क्या था उसमें?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चोरी के बाद भगवान के चरणों में मिला चोर का पत्र, क्या था उसमें?
कंडीसौड़ (टिहरी)/ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2013 02:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में टिहरी के थौलधार प्रखंड के सुनाली गांव के शिव मंदिर में चोरी का एक नायाब मामला सामने आया है।
विज्ञापन
मंदिर से चांदी के छत्र और नगदी चोरी करने वाले ने बाकायदा भगवान और गांव वालों के नाम एक पत्र भी छोड़ा जिसमें उसने अपनी आथ्ऱिक हालत ठीक न बताते हुए मजबूरी में चोरी करने की बात कही है।
गांव के चमन प्रकाश और उत्तम सिंह कैंतुरा ने बताया कि शुक्रवार की सुबह जब ग्रामीण मंदिर में गए तो छत्र और दानपात्र से नगदी गायब पाई। थोड़ी देर में ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर में जमा हो गए।
विज्ञापन
इतने में किसी की नजर भगवान की मूर्ति के चरणों के पास रखे पत्र पर पड़ी। ग्रामीणों के अनुसार चोरी करने वाले ने पत्र में लिखा है कि इस समय मेरी आर्थिक स्थिति काफी खराब है।
विज्ञापन
मजबूरी में चोरी कर रहा हूं। इस धनराशि से कुछ काम शुरू करने के बाद चोरी की रकम वापस मंदिर में जमा कर दूंगा।
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर से चांदी के छत्र और नकदी सहित करीब 20-22 हजार रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। चोरी की यह घटना दिनभर चर्चा का विषय बनी रही। पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गई है।