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गंगा के उफान ने आईटीबीपी को भी नहीं बख्शा
उत्तरकाशी/ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jul 2013 09:37 AM IST
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आपदा में जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने वाले हिमवीरों की धरती को भी कुदरत ने नहीं बख्शा। बाढ़ से आईटीबीपी मातली कैंप को भी भारी नुकसान हुआ है।
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यहां आवासीय कालोनी के खतरे की जद में आने पर कई परिवार संयुक्त रूप से रह रहे हैं। मातली गांव में भी कई भवन खतरे की जद में हैं।
28 आवास असुरक्षित
बुधवार को अमर उजाला की टीम गंगोत्री मार्ग पर बसे मातली पहुंची। यहां आईटीबीपी जवानों के लिए बनाई गई आवासीय कालोनी, प्रशासनिक भवन तथा अधिकारी मेस को नुकसान पहुंचा है। हिमवीरों के परिजनों से गुलजार रहने वाली आवासीय कालोनी इन दिनों खाली पड़ी है। चार आवास बाढ़ में बह गए हैं। जबकि 28 आवास असुरक्षित हैं।
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सेनानी आरएस चंदेल बताते हैं कि बाढ़ के बाद कुछ दिनों तक हिमवीरों के परिवार संयुक्त रूप से रहे, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित कमरों में शिफ्ट कर दिया है। डिप्टी कमांडेट विवेक पांडेय बताते हैं कि बाढ़ से कैंप परिसर में करीब चार करोड़ का नुकसान हुआ है।
कई मकान खतरे की जद में
बाद में टीम ने मातली गांव की ओर रुख किया तो वहां भी कई मकान खतरे की जद में हैं। कई लोगों ने नदी के कटाव के चलते अपने घर खाली कर रखे हैं। यहां पैट्रोल पंप भी नदी के कटाव की जद में हैं। गांव के जयपाल सिंह पंवार, विजयपाल सिंह पंवार व गोपी किशन नौटियाल बताते हैं कि कटाव से भवन कभी भी नदी में समा सकते हैं। ऐसे में हल्की बारिश होती ही डर लग रहा है।