{"_id":"b4487317df039bf317d435d4cfab6511","slug":"temple-washed-away-in-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट का गंगा मंदिर बहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट का गंगा मंदिर बहा
गढ़वाल/ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2013 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के गढ़वाल में प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर बना गंगा मंदिर बृहस्पतिवार रात को उफनाई भागीरथी नदी में बह गया।
विज्ञापन
जबकि कई जिलों में रोजाना रात में मूसलाधार और दिन में रुक-रुक कर हो रही बारिश से आपदा प्रभावितों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही है।
वर्ष 1991 को आए भूकंप के बाद बने इस मंदिर के तटवर्ती हिस्से का पिछले साल की बारिश से कटान हो रहा था। जड़भरत घाट की ओर पिछले साल बाढ़ के बाद लगाया गया पुश्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे नगर की तटवर्ती आबादी पर खतरा बढ़ता जा रहा है।
जोशियाड़ा वाले हिस्से में भी कटाव बढ़ने से भवन धीरे-धीरे ढह रहे हैं। यहां नदी किनारे मलबा डालकर रास्ता तैयार करने तथा वायरक्रेट बिछाने का कार्य ठप पड़ा हुआ है।
विज्ञापन
उधर, चमोली जिले के घाट विकासखंड में भारी बारिश से चुफलागाड़ गदेरे के उफान से लांखी गांव में तीन भवन बह गए और 23 भवन खतरे की जद में आ गए हैं।
घाट बाजार में करीब 150 भवन खतरे में हैं। वहीं बारिश से यमुनोत्री-गंगोत्री, बदरीनाथ, नैनीताल, दिल्ली-यमुनोत्री, केदारनाथ हाईवे बंद हो गया है।
केदारनाथ पैदल मार्ग तलाश कर पहुंची टीम
राहत आयुक्त डॉ. वीवीआरसी पुरुषोत्तम के नेतृत्व में गई प्रशासनिक टीम ने गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक नया पैदल मार्ग तलाश लिया है। शीघ्र ही इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
केदारनाथ से लौटे राहत आयुक्त ने बताया कि धाम में विद्युत, पेयजल और संचार समेत अन्य सुविधाएं तभी बहाल हो सकती हैं, जब पैदल मार्ग दुरुस्त हो। शासन की प्रथम प्राथमिकता पैदल मार्ग को व्यवस्थित करने की है।
तीसरे दिन भी नहीं लगा एसडीएम का सुराग
केदारनाथ में मंदाकिनी नदी में बहे एसडीएम अजय अरोड़ा का तीसरे दिन भी पता नहीं चल पाया है। गढ़वाल आयुक्त सुवर्द्धन और डीआईजी जीएस मर्तोलिया ने संयुक्त रूप से गौरीकुंड से केदारनाथ तक मंदाकिनी नदी में लो फ्लाइंग के जरिए सघन खोजबीन की।
इसके अलावा रामबाड़ा, गौरीकुंड, सोनप्रयाग और श्रीनगर जल विद्युत परियोजना में भी जाल लगाकर सर्च किया जा रहा है।