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छापेमारी की भनक लगते ही भागे खनन कारोबारी
ब्यूरो/ अमर उजाला टिहरी
Updated Fri, 21 Apr 2017 10:45 PM IST
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टिहरी झील किनारे प्रतिबंधित क्षेत्र कोटीगाड़ में रेत का अवैध खनन का धंधा जोरों पर है। शिकायत पर शुक्रवार को तहसील प्रशासन की टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की, लेकिन टीम के वहां पहुंचने की भनक लगते ही खनन कारोबारी भाग निकले।
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टीएचडीसी की भूमि पर झील किनारे कोटीगाड़ में पिछले कई दिन से रेत का अवैध खनन करने का खेल चल रहा है। खनन कारोबारी रात और सुबह रेत का अवैध खनन कर रहे हैं। तहसील प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी रातदिन इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं, लेकिन वे इस ओर मुंह फेरे हुए थे।
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प्रशासन के अधिकारियों की इस लचर कार्य प्रणाली पर तरह-तरह से सवाल उठ रहे हैं। हद तब हो गई जब खनन कारोबारियों ने शुक्रवार को दोपहर में ही खनन करना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने शिकायत की तो तहसीलदार सुंदर लाल लेखवार मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रशासन की टीम पहुंचने की भनक लगते ही खनन कारोबारी और मजदूर वहां से भाग गए।
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तहसीलदार जब मौके पर पहुंचे, तो वहां कोई नहीं मिला। मौके पर टीम ने पाया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में रेत निकालने के लिए खुदाई की गई है। तहसीलदार लेखवार ने बताया कि कोटीगाड़ में प्रतिबंधित क्षेत्र में खनन होने की शिकायत मिली थी, लेकिन मौके पर कोई नहीं मिला। वहां से कुछ दूरी पहले पर रेत खनन करने का पट्टा स्वीकृत है। वहां कार्यरत मजदूरों और ठेकेदार को प्रतिबंधित क्षेत्र में खनन नहीं करने के लिए सख्त हिदायत दी गई है।