भिलंगना ब्लाक के सीमांत गंगी गांव में नशा मुक्ति जन जागरूकता शैक्षिक समिति की ओर से नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के लिए कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में पहुंचे कवियों ने अपनी कविता से नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य का संदेश दिया। साथ ही गंगी की पारंपरिक जीवन शैली को बचाने की अपील की गई।
सीमांत गांव गंगी में आयोजित कवि सम्मेलन में प्रखर कवि बेलीराम कंसवाल ने पर्यावरण और प्रदूषण से जुड़ी कविता पढ़ते हुए सुबेर देहरादून म घुगुति न नींद बिजाली और रंग मां पड़ी भंग..., कवियत्री रेखा डंगवाल ने बालिका शिक्षा पर कविता पढ़ी, कवियत्री रवीना ने पुरुष समाज और बेटी बचाओ कविता का पाठ किया। दीपक रतूड़ी ने शराब पर व्यंग करते हुए कहा कि दारू चली अब ये गढ़वाल मां... कविता का पाठ करते हुए शराब के प्रचलन पर रोक लगाने की अपील की। गंगी गांव के बचन सिंह ने प्राकृतिक ताल बुग्याल संरक्षण पर जोर दिया। नशा मुक्ति समिति के अध्यक्ष केशर सिंह रावत ने कहा कि सभी लोगों से शराब का विरोध करने का आह्वान किया। समिति के महामंत्री आरबी सिंह ने गंगी के सामाजिक जीवन व पारंपरिक पहनावे को बरकरार रखने और बच्चों को शिक्षा देने की अपील की। मनोज रमोला ने नदियों के सौंदर्य और हिमालय की पवित्रता पर लिखी कविता पढ़ी। इस मौके पर डा. मुकेश नैथानी लोकेंद्र जोशी, जलकुमार सैनी, शैलेंद्र गैरोला, सुनील परमार, विपिन भट्ट देशराज बिस्ट, कमल नयन नौटियाल, केदार वर्थवाल, लोकेंद्र जोशी, रजनीश नोटियाल और जय कृष्ण आदि शामिल थे। संचालन मनोज रमोला ने किया।