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Tehri News: ऋण चुकाने के लिए 30 सितंबर तक ओटीएस योजना का उठाएं लाभ
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संवाद न्यूज एजेेंसी
नई टिहरी। सहकारिता विभाग से ऋण लेने के बाद मृत किसानों के परिजनों को ऋण जमा करने के लिए जिला सहकारी बैंक ने ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीम लागू की है। इसके तहत उन्हें केवल मूलधन ही जमा करना होगा। ब्याज का वहन बैंक और समिति स्वयं के संसाधनों से करेगी। टिहरी जिले में ऐसे मृतक किसानों की संख्या 3405 है, जिनमें से 388 लोगों के परिजनों ने ओटीएस के लिए आवेदन किया है। 30 सितंबर तक यह योजना लागू रहेगी।
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुभाष रमोला ने पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिले में 3405 ऐसे काश्तकार जिन्होंने बैंक और समितियों के माध्यम से ऋण लिया, लेकिन अब उनकी मृत्यु हो चुकी है। उन पर बैंक का 5.21 करोड़ का मूल ऋण बकाया है, जबकि 3.19 करोड़ ब्याज का बकाया है। सरकार ने ऐसे लोगों के परिजनों के लिए ओटीएस स्कीम लागू की है। ब्याज की 3.19 करोड़ की धनराशि माफ कर उन्हें मूलधन ही जमा करना है। ब्याज का वहन 60 प्रतिशत समिति और 40 प्रतिशत जिला सहकारी बैंक अपने संसाधनों से करेगा। वहीं, जीरो प्रतिशत ब्याज पर जिले में 44600 काश्तकारों को 268 करोड़ का ऋण वितरित किया, जिसमें 345 महिला समूह शामिल हैं। इस मौके पर बैंक के महाप्रबंधक संजय रावत, उपाध्यक्ष विनोद रावत, निदेशक नरेश नेगी, जयप्रकाश चंद, सतपाल कलूड़ा, टीकाराम, गोविंद सिंह मौजूद थे।
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नई टिहरी। सहकारिता विभाग से ऋण लेने के बाद मृत किसानों के परिजनों को ऋण जमा करने के लिए जिला सहकारी बैंक ने ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीम लागू की है। इसके तहत उन्हें केवल मूलधन ही जमा करना होगा। ब्याज का वहन बैंक और समिति स्वयं के संसाधनों से करेगी। टिहरी जिले में ऐसे मृतक किसानों की संख्या 3405 है, जिनमें से 388 लोगों के परिजनों ने ओटीएस के लिए आवेदन किया है। 30 सितंबर तक यह योजना लागू रहेगी।
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुभाष रमोला ने पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जिले में 3405 ऐसे काश्तकार जिन्होंने बैंक और समितियों के माध्यम से ऋण लिया, लेकिन अब उनकी मृत्यु हो चुकी है। उन पर बैंक का 5.21 करोड़ का मूल ऋण बकाया है, जबकि 3.19 करोड़ ब्याज का बकाया है। सरकार ने ऐसे लोगों के परिजनों के लिए ओटीएस स्कीम लागू की है। ब्याज की 3.19 करोड़ की धनराशि माफ कर उन्हें मूलधन ही जमा करना है। ब्याज का वहन 60 प्रतिशत समिति और 40 प्रतिशत जिला सहकारी बैंक अपने संसाधनों से करेगा। वहीं, जीरो प्रतिशत ब्याज पर जिले में 44600 काश्तकारों को 268 करोड़ का ऋण वितरित किया, जिसमें 345 महिला समूह शामिल हैं। इस मौके पर बैंक के महाप्रबंधक संजय रावत, उपाध्यक्ष विनोद रावत, निदेशक नरेश नेगी, जयप्रकाश चंद, सतपाल कलूड़ा, टीकाराम, गोविंद सिंह मौजूद थे।
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