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लचर स्वास्थ्य सेवाएं : एक साभ में पांच गर्भवतियों की मौत

Thu, 07 May 2026 07:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी Updated Thu, 07 May 2026 07:35 PM IST
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Substandard Healthcare Services: Five Pregnant Women Die in a Single Month
समय पर उपचार नहीं मिलने पर उठ रहे हैं बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
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विभाग मरीज को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाना बता रहा है वजह
नई टिहरी। स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव या मरीज को समय पर सही उपचार नहीं मिलने के कारण यहां सालभर में ही पांच गर्भवती महिलाओं को अपनी जान गवांनी पड़ी है जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठते रहे हैं। पांच मई को पोखार निवासी एक गर्भवती महिला की मौत के बाद फिर से स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सवाल उठाए गए लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इसके कई कारण गिनाते हुए मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी को ही मुख्य कारण बताया है।

पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग चलती आ रही है। तमाम प्रयासों के बाद स्वास्थ्य उपकरण और चिकित्सकों की तैनाती के बाद भी मरीज को रेफर करने की परंपरा नहीं टूट पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो जिले में स्वीकृत 234 चिकित्सकों के सापेक्ष 204 चिकित्सक कार्यरत हैं। अभी ईएनटी और रेडियोलॉजिस्ट के पद रिक्त हैं बावजूद इस महीने ईएनटी विशेषज्ञ मिलने की उम्मीद है।
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रेडियोलॉजिस्ट का जिला अस्पताल, नरेंद्रनगर, बेलेश्वर, हिंडोलाखाल और देवप्रयाग में रोस्टर बनाया गया है। बावजूद अगस्त 2025 से अभी तक पांच गर्भवती महिलाओं की मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाए हैं। सभी मामलों में सीएचसी से रेफर करने के कुछ घंटे बाद ही मौत की सूचना मिली है। स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार किए जा रहे सुधार के बावजूद गर्भवती महिलाओं की मौत पर सीएमओ डॉ. श्याम विजय ने कहा कि पोखार निवासी आरती की मौत के बाद जो स्थिति सामने आई है उस स्थिति में मौत का कारण गर्भ ट्यूब में विकसित होना भी हो सकता है। बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
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जबकि अन्य मामलों में गर्भवती महिलाओं का मौत का कारण हाइपरटेंशन, रक्त वाहिनी में खून जमने, ब्लड प्रेशर बढ़ने और उनमें एक महिला की तो ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। पोखार की आरती मामले में भी परिजन प्राइवेट क्लीनिक ले जाने के बजाए पहले ही उसे सीएचसी बेलेश्वर में भर्ती कराना चाहिए था।



गर्भवती को समय पर नहीं पहुंचाया गया सीएचसी बेलेश्वर
नई टिहरी। स्वास्थ्य विभाग ने पेटदर्द और उल्टी-दस्त से पीड़ित पोखार निवासी गर्भवती महिला की मौत पर उठाए गए सवाल निराधार बताए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सीएचसी बेलेश्वर में प्राथमिक उपचार के दौरान मरीज को रेफर करने की स्थिति में एंबुलेंस मौजूद थी। महिला की तबीयत खराब होने के बाद मरीज को सीएचसी में दिखाने के बजाए प्राइवेट क्लीनिक ले गए।

चिकित्साधिकारी डॉ. शिव प्रसाद भट्ट ने मरीज की स्थिति को गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी। परिजन पहले मरीज को निजी वाहन से ले जाने पर विचार करते रहे। उसके बाद एंबुलेंस मांगी गई। सीएमओ डॉ. श्याम विजय का कहना है कि जिले में सभी विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त हैं। ईएनटी भी शीघ्र मिलने की उम्मीद है। रेडियोलॉजिस्ट के लिए रोस्टर बनाया गया है। अक्सर परिजनों की लापरवाही के कारण मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाता है। पहले से चल रही दिक्कत की जानकारी भी चिकित्सक को देनी चाहिए। आरती की मौत का कारण इकटॉपिक भी माना जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। संवाद
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