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30 साल की कानूनी लड़ाई के बाद मिला न्याय
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Fri, 16 Dec 2016 10:31 PM IST
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हाईकोर्ट ने पुरानी टिहरी वार्ड नंबर तीन के बांध विस्थापितों को साढ़े तीन करोड़ रुपये मय ब्याज भुगतान करने के आदेश दिए हैं। बांध विस्थापित 57 परिवार तीस वर्षों से पर्याप्त मुआवजे के लिए लड़ाई लड़ रहे थे। हाईकोर्ट के आदेशानुसार अब हर परिवार को चार से पांच लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा।
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बता दें कि पुरानी टिहरी वार्ड तीन के बांध विस्थापितों को भूमि के मुआवजे के रूप में अन्य वार्डों की अपेक्षा कम भुगतान किया गया था। विस्थापितों ने इस पर आपत्ति जताते हुए अन्य वार्ड की भांति भुगतान की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उन्हें न्यायालय की शरण में जाने को मजबूर होना पड़ा।
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हाईकोर्ट ने बांध विस्थापितों के पक्ष में फैसला दिया है। प्रभावित बांध विस्थापितों ने जिलाधिकारी को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति सौंपते हुए टिहरी जल विकास निगम से मुआवजे का भुगतान जल्द कराने का अनुरोध किया है।
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पत्रकार वार्ता में भूस्वामी प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में टिहरी जल विकास निगम को तीन करोड़ 52 लाख 48 हजार रुपये 15 प्रतिशत ब्याज के साथ अतिरिक्त मुआवजे का भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
इस फैसले से हर व्यक्ति को चार से पांच लाख रुपये तक अतिरिक्त लाभ होगा। वार्ता में डा. वीएन जोशी, महीपाल सिंह नेगी, जगदंबा जोशी, गिरीश घिल्डियाल, सच्चिदानंद जोशी, मोर सिंह पुंडीर, मनोज पंत आदि मौजूद थे।