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‘मालिकाना हक का वादा नहीं हो पाया पूरा’
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जिला मुख्यालय में पुनर्वास निदेशालय से आवंटित जमीन के अतिरिक्त भूमि पर मकान और दुकान बनाने वालों को अतिरिक्त भूमि पर मालिकाना हक देने का वादा पूरा नहीं हो पाया है। अतिक्रमण हटाने के दौरान एक पक्षीय कार्रवाई की शिकायत उठने के बाद अतिरिक्त भूमि आवंटन करने की चर्चाओं के बीच लोग काफी राहत महसूस कर रहे थे, लेकिन उसका कोई शासनादेश जारी नहीं होने से लोग मायूस हैं। जिससे इस विधानसभा चुनाव में बांध विस्थापितों के सामने यह भी एक चुनावी मुद्दा है।
पुरानी टिहरी डूबने के बाद वहां के कई लोगों को नई टिहरी में अविकसित प्लाट आवंटित किए गए थे, जिससे मकान और दुकान बनाते समय कई लोगों ने आवंटित भूखंड से अधिक स्थान पर निर्माण कार्य करा दिया था। कुछ समय पहले जिला मुख्यालय में अतिक्रमण हटाने के दौरान कई लोगों के मकान अतिक्रमण में चिह्नित किए गए, जिससे लोगों की नींद उड़ गई थी। प्रशासन ने ऐसे कुछ अतिक्रमण पर जेसीबी भी चलाई। अधिकतर मकान और दुकान अतिक्रमण की चपेट में आने पर बांध विस्थापितों ने पुनर्वास निदेशालय के समक्ष अविकसित प्लाट आवंटन की समस्या रखी। इसका समाधान निकालने के लिए कंपाउंडिग कर एक्स्ट्रा स्पेस का पैसा जमा करवाने का आश्वासन मिलने पर पुनर्वास निदेशालय ने सर्वे भी शुरू कर दिया था, लेकिन काफी समय बीतने पर भी इसका जीओ जारी नहीं होने से यह कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई।
मकान, दुकान और फ्लैट के एक्स्ट्रा स्पेस की कंपाउंडिग कर पैसा जमा कराने वाले को अतिरिक्त भूमि आवंटित करने के लिए निदेशालय ने सर्वे शुरू कर दिया था। अभी यह कार्रवाई गतिमान है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ है।
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-धीरेंद्र सिंह नेगी, ईई, पुनर्वास अवस्थापना खंड नई टिहरी।
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पुरानी टिहरी डूबने के बाद वहां के कई लोगों को नई टिहरी में अविकसित प्लाट आवंटित किए गए थे, जिससे मकान और दुकान बनाते समय कई लोगों ने आवंटित भूखंड से अधिक स्थान पर निर्माण कार्य करा दिया था। कुछ समय पहले जिला मुख्यालय में अतिक्रमण हटाने के दौरान कई लोगों के मकान अतिक्रमण में चिह्नित किए गए, जिससे लोगों की नींद उड़ गई थी। प्रशासन ने ऐसे कुछ अतिक्रमण पर जेसीबी भी चलाई। अधिकतर मकान और दुकान अतिक्रमण की चपेट में आने पर बांध विस्थापितों ने पुनर्वास निदेशालय के समक्ष अविकसित प्लाट आवंटन की समस्या रखी। इसका समाधान निकालने के लिए कंपाउंडिग कर एक्स्ट्रा स्पेस का पैसा जमा करवाने का आश्वासन मिलने पर पुनर्वास निदेशालय ने सर्वे भी शुरू कर दिया था, लेकिन काफी समय बीतने पर भी इसका जीओ जारी नहीं होने से यह कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई।
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मकान, दुकान और फ्लैट के एक्स्ट्रा स्पेस की कंपाउंडिग कर पैसा जमा कराने वाले को अतिरिक्त भूमि आवंटित करने के लिए निदेशालय ने सर्वे शुरू कर दिया था। अभी यह कार्रवाई गतिमान है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ है।
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-धीरेंद्र सिंह नेगी, ईई, पुनर्वास अवस्थापना खंड नई टिहरी।