डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कोटेश्वर क्षेत्र में मत्स्य विभाग की हैचरी का निरीक्षण कर महासीर प्रजाति की मछलियों के उत्पादन को वरीयता देने के निर्देश दिए। कहा कि झील में मत्स्य सीड़ डालकर उत्पादन बढ़ाएं। हैचरी में जो भी कमियां हैं, उनको तत्काल दूर किया जाए। डीएम ने कोटेश्वर बांध क्षेत्र में नई टिहरी पंपिंग योजना के पंप स्टेशनों का भी निरीक्षण किया। कहा कि जर्जर हो चुकी पंपिंग लाइन के पुनर्गठन के लिए कार्ययोजना बनाई जाए।
डीएम घिल्डियाल ने कहा कि काश्तकार मल्टी क्रॉपिंग के साथ मत्स्य पालन अपनाकर आजीविका को दोगुनी कर सकते हैं। सहायक निदेशक अल्पना हल्दिया ने बताया कि हैचरी में ट्राउट फिश सीड के लिए करीब दो लाख की क्षमता है, जबकि कॉमन कार्प मत्स्य सीड की क्षमता 10 से 12 लाख है। इसके बाद डीएम ने जोरा प्वाईंट में नई टिहरी पंपिंग स्टेशन, टीएचडीसी पंप हाउस, भेंतोगी नाला पंपिंग स्टेशन, बागी पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण किया। डीएम ने ईई जल संस्थान सतीश नौटियाल को लाइनें मरम्मत करने को कहा। इस मौके पर सीडीओ अभिषेक रूहेला, टीएचडीसी एजीएम एसके राय, असिस्टेंट कमांडेंट सीआईएसफ जेपी गोस्वामी, मैनेजर हिमांशु असवाल मौजूद थे। संवाद