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Tehri News: जिला अस्पताल में ईएनटी विशेषज्ञ नहीं होने लोग परेशान
Wed, 30 Sep 2026 06:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 30 Sep 2026 06:05 PM IST
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नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी में कान,नाक,गला रोग (ईएनटी) विशेषज्ञ न होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उपचार के लिए मरीजों को नरेंद्रनगर,ऋषिकेश और देहरादून का रूख करना पड़ रहा है है।
ईएनटी विशेषज्ञ की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल में कान, नाक और गले की सामान्य बीमारी होने पर भी मरीजों को उपचार के लिए करीब 45 से 100 किलोमीटर दूर नरेंद्रनगर, ऋषिकेश और देहरादून का जाना पड़ता है। गत तीन वर्ष पूर्व ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर दीप्ति रानी ने अस्पताल में पद भार ग्रहण किया था लेकिन कुछ ही समय बाद ही डॉक्टर पीजी करने चली गई।
अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टर की अनुपस्थिति चलने पर उन्हें पत्र भेजकर पदभार ग्रहण करने को कहा गया लेकिन डॉक्टर की ओर से कोई जवाब नहीं मिला और न ही उन्होंने पदभार ग्रहण किया। डॉक्टर के अभाव में कान, नाक और गला की बीमारियों से पीड़ित लोगों के प्रमाणपत्र भी नहीं बन रहे हैं। प्रमाणपत्र बनाने के लिए उन्हें उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर जाना पड़ता है। डॉक्टर न होने से मरीजों की परेशानी कम नहीं हो पा रही है।
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पूर्व में कार्यरत ईएनटी डॉक्टर को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पदभार ग्रहण करने के लिए एक वर्ष के भीतर चार पत्र भेजे जा चुके हैं। डॉक्टर ने किसी भी पत्र का जवाब नहीं दिया है। उन्हें अंतिम नोटिस भेजा जा रहा है, इसके बाद भी वह ज्वाइन नहीं करती है। शीघ्र ही ईएनटी के पर पद विज्ञप्ति जारी की जाएगी।
डॉ़ बृजेश डोभाल, सीएमएस, जिला अस्पताल बौराड़ी।
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ईएनटी विशेषज्ञ की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल में कान, नाक और गले की सामान्य बीमारी होने पर भी मरीजों को उपचार के लिए करीब 45 से 100 किलोमीटर दूर नरेंद्रनगर, ऋषिकेश और देहरादून का जाना पड़ता है। गत तीन वर्ष पूर्व ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर दीप्ति रानी ने अस्पताल में पद भार ग्रहण किया था लेकिन कुछ ही समय बाद ही डॉक्टर पीजी करने चली गई।
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अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टर की अनुपस्थिति चलने पर उन्हें पत्र भेजकर पदभार ग्रहण करने को कहा गया लेकिन डॉक्टर की ओर से कोई जवाब नहीं मिला और न ही उन्होंने पदभार ग्रहण किया। डॉक्टर के अभाव में कान, नाक और गला की बीमारियों से पीड़ित लोगों के प्रमाणपत्र भी नहीं बन रहे हैं। प्रमाणपत्र बनाने के लिए उन्हें उप जिला अस्पताल नरेंद्रनगर जाना पड़ता है। डॉक्टर न होने से मरीजों की परेशानी कम नहीं हो पा रही है।
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पूर्व में कार्यरत ईएनटी डॉक्टर को स्वास्थ्य विभाग की ओर से पदभार ग्रहण करने के लिए एक वर्ष के भीतर चार पत्र भेजे जा चुके हैं। डॉक्टर ने किसी भी पत्र का जवाब नहीं दिया है। उन्हें अंतिम नोटिस भेजा जा रहा है, इसके बाद भी वह ज्वाइन नहीं करती है। शीघ्र ही ईएनटी के पर पद विज्ञप्ति जारी की जाएगी।
डॉ़ बृजेश डोभाल, सीएमएस, जिला अस्पताल बौराड़ी।