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Tehri News: बिजली की झूलती तारे और तिरछे हो चुके खंभे बने हैं खतरा
Thu, 15 Oct 2026 07:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 15 Oct 2026 07:00 PM IST
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नई टिहरी। प्रतापनगर क्षेत्र के कई गांवों में पुरानी हो चुकी बिजली की लाइनों और खंभे लोगों ने खतरा बने हुए हैं। ग्रामीणों को लंबे समय से झूलती बिजली के तारों और तिरछे हो चुके खंभों के बदलने का इंतजार हैं।
प्रतापनगर के भैतुला, खेतपाली, नाग, पनियाला, बागी, पोखरी, मुखेम, दीन, हेरवाल, ओनाल गांव सहित कई गांवों में 90 के दशक में बिछी बिजली लाइनों की मरम्मत नहीं हो पाई है। जिस कारण बिजली तारे जगह-जगह झूल रही हैं। बिजली खंभे जंग लगने से कमजोर होने से तिरछे हो चुके हैं।
पूर्व प्रधान विजय पोखरियाल, कर्ण सिंह, जीतमणि ने बताया कि क्षेत्र के कई गांवों में विद्युतीकरण हुए तीन दशक से अधिक का समय हो गया है। लेकिन मरम्मत न कार्य न होने से जगह-जगह तारे झूल रही हैं। पुराने हो चुके बिजली के खंभे झुक गए हैं। जिससे ग्रामीणों को हर समय कंरट लगने का डर भी बना रहता है। कई जगहों पर तारे पेड़ों के बीच से होकर गुजर रही हैं। ग्रामीण झूलती बिजली की तारों और जर्जर हो चुके खंभों को बदलने की मांग करते आ रहे हैं। बिजली की झूलती तारों से किसी के साथ दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिहाज से विभाग को खराब हो चुके खंभों और पुरानी तारों को शीघ्र बदलने का काम करना चाहिए।
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क्षेत्र में करीब 50 किलोमीटर लंबी बिजली की तारों बदले जाने का प्रस्ताव पूर्व में रिवैमड डिस्ट्रीव्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के तहत केंद्र सरकार को भेजा गया है। बजट मिलने के बाद खुली तारों की जगह बंच केबल बिछाई के साथ खराब हो चुके खंभों को भी बदला जाएगा। कई गांवों में बिजली ट्रांसफार्मर भी बदले जाने हैं।
अवनीश शर्मा, एसडीओ ऊर्जा निगम प्रतापनगर।
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प्रतापनगर के भैतुला, खेतपाली, नाग, पनियाला, बागी, पोखरी, मुखेम, दीन, हेरवाल, ओनाल गांव सहित कई गांवों में 90 के दशक में बिछी बिजली लाइनों की मरम्मत नहीं हो पाई है। जिस कारण बिजली तारे जगह-जगह झूल रही हैं। बिजली खंभे जंग लगने से कमजोर होने से तिरछे हो चुके हैं।
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पूर्व प्रधान विजय पोखरियाल, कर्ण सिंह, जीतमणि ने बताया कि क्षेत्र के कई गांवों में विद्युतीकरण हुए तीन दशक से अधिक का समय हो गया है। लेकिन मरम्मत न कार्य न होने से जगह-जगह तारे झूल रही हैं। पुराने हो चुके बिजली के खंभे झुक गए हैं। जिससे ग्रामीणों को हर समय कंरट लगने का डर भी बना रहता है। कई जगहों पर तारे पेड़ों के बीच से होकर गुजर रही हैं। ग्रामीण झूलती बिजली की तारों और जर्जर हो चुके खंभों को बदलने की मांग करते आ रहे हैं। बिजली की झूलती तारों से किसी के साथ दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिहाज से विभाग को खराब हो चुके खंभों और पुरानी तारों को शीघ्र बदलने का काम करना चाहिए।
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क्षेत्र में करीब 50 किलोमीटर लंबी बिजली की तारों बदले जाने का प्रस्ताव पूर्व में रिवैमड डिस्ट्रीव्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के तहत केंद्र सरकार को भेजा गया है। बजट मिलने के बाद खुली तारों की जगह बंच केबल बिछाई के साथ खराब हो चुके खंभों को भी बदला जाएगा। कई गांवों में बिजली ट्रांसफार्मर भी बदले जाने हैं।
अवनीश शर्मा, एसडीओ ऊर्जा निगम प्रतापनगर।