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शहीद का दर्जा दिलाने को अनशन करेगी मां
ब्यूरो/अमर उजाला, नई टिहरी
Updated Mon, 07 Nov 2016 09:54 PM IST
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बेटे को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुकी मां ने राज्य स्थापना दिवस से सपरिवार बेमियादी अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। रामेश्वरी कठैत पिछले 12 वर्षों से दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन बेटे गंभीर सिंह कठैत को शहीद का दर्जा नहीं दिलवा पाई।
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मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में उन्होंने बताया कि शहीद का दर्जा देने की मांग समेत अन्य समस्याओं के निराकरण को वह लगातार गुहार लगा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन ने उनकी एक भी नहीं सुनी। राज्य आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले गंभीर सिंह कठैत की 2004 में मशाल जुलूस के दौरान आग लगने से मौत हो गई थी।
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गंभीर सिंह साथी आंदोलनकारियों को सीबीआई द्वारा सजा देने के विरोध में मशाल जुलूस में शामिल हुए थे। उस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने शहीद आंदोलनकारी का दर्जा देने, मूर्ति स्थापित करने, बौराड़ी स्टेडियम व पैतृक गांव धारकोट बडियारगढ़ के राजकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक स्कूल का नाम आंदोलनकारी के नाम पर रखने की घोषणा की थी।
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10 वर्षों से मूर्ति को अनावरण का इंतजार
रामेश्वरी देवी ने बताया कि प्रशासन ने बौराड़ी इंडेन गैस चौराहे में गंभीर की जो मूर्ति लगाई है, उससे गंभीर का चेहरा मिलान नहीं होने से मूर्ति 10 वर्षों से कपड़े में ढकी हुई है। 12 साल गुजर जाने के बावजूद अब तक सरकार कोई भी घोषणा पूरी नहीं कर पाई।
मूर्ति का हो रहा है मिलान
मूर्ति का मिलान फोटो से करवाया जा रहा है। अन्य समस्याओं के निराकरण को शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि समस्याएं जल्द हल हो जाएगी।
-डॉ. एसके बरनवाल, अपर जिलाधिकारी टिहरी।