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दुग्ध व्यवसाय से युवा बढ़ा सकते आर्थिकी
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विश्व दुग्ध दिवस के उपलक्ष में वीरचंद्र सिंह गढ़वाल औद्यानिक एवं वानिकी विवि के कृषि विज्ञान केंद्र रानीचैरी और भरसार की संयुक्त पहल पर ऑन लाइन गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तराखंड में पशुपालन का विशेष महत्व है। बदरी गाय का पालन कर उत्तराखंड में दुग्ध क्रांति लाई जा सकती है।
औद्यानिक एवं वानिकी विवि के कुलपति प्रो. अजीत कुमार कर्नाटक ने गोष्ठी का शुभारंभ किया। कहा कि पशुपालन कृषि आधारित व्यवसाय है। उत्तराखंड में पशुपालन की असीम संभावना है। उन्होंने उत्तराखंड की बदरी गाय के दूध की गुणवत्ता व उपयोगिता के बारे में बताया। विवि के निदेश प्रसार प्रो. सी तिवारी ने पर्वतीय क्षेत्रों में बकरी पालन और एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाने की जानकारी दी। सहायक निदेशक डा. अरविंद बिजल्वाण ने पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि वानिकी, तकनीक से चारा उत्पादन के बारे में बताया। प्रभारी अधिकारी डा. आलोक येवले, डा. शिखा ने ‘पशु स्वास्थ्य एवं उपयोगिता’ पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर डा. पीके सिंह, डा. साक्षी बिजल्वाण, कीर्ति कुमारी, नवीन तड़ियाल, डा. अजय कुमार, ज्योति चौहान, अनूप पटवाल, अंकित बहुगुणा, विजय तड़ियाल, डा. अरुणिमा पालीवाल, पदम सिंह, डा. राजेश बिजल्वाण, डा. रश्मि लिंबू आदि उपस्थित रहे।
डेयरी व्यवसाय से हो सकती आर्थिकी मजबूत
चिन्यालीसौड़। कृषि विज्ञान केंद्र में विश्व दुग्ध दिवस पर सोमवार को वेबिनार हुआ, जिसमें वैज्ञानिकों ने कृषि सह व्यवसाय डेयरी को कृषकों की आजीविका बढ़ाने वाला बताया। सोमवार को वेबिनार का उद्घाटन केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. चित्रांगद राघव ने किया। पशु चिकित्साधिकारी डा. राजा बाबू गुप्ता ने पशुओं की देखरेख, आवास एवं आहार की जानकारी दी। इस मौके पर डा. गौरव पपनै, डा. पंकज नौटियाल, नीरज जोशी, रोहिणी खोब्रागडे, वरुण सुप्याल, ख्याली राम, रीतिका भास्कर आदि मौजूद थे। संवाद
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औद्यानिक एवं वानिकी विवि के कुलपति प्रो. अजीत कुमार कर्नाटक ने गोष्ठी का शुभारंभ किया। कहा कि पशुपालन कृषि आधारित व्यवसाय है। उत्तराखंड में पशुपालन की असीम संभावना है। उन्होंने उत्तराखंड की बदरी गाय के दूध की गुणवत्ता व उपयोगिता के बारे में बताया। विवि के निदेश प्रसार प्रो. सी तिवारी ने पर्वतीय क्षेत्रों में बकरी पालन और एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाने की जानकारी दी। सहायक निदेशक डा. अरविंद बिजल्वाण ने पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि वानिकी, तकनीक से चारा उत्पादन के बारे में बताया। प्रभारी अधिकारी डा. आलोक येवले, डा. शिखा ने ‘पशु स्वास्थ्य एवं उपयोगिता’ पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर डा. पीके सिंह, डा. साक्षी बिजल्वाण, कीर्ति कुमारी, नवीन तड़ियाल, डा. अजय कुमार, ज्योति चौहान, अनूप पटवाल, अंकित बहुगुणा, विजय तड़ियाल, डा. अरुणिमा पालीवाल, पदम सिंह, डा. राजेश बिजल्वाण, डा. रश्मि लिंबू आदि उपस्थित रहे।
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डेयरी व्यवसाय से हो सकती आर्थिकी मजबूत
चिन्यालीसौड़। कृषि विज्ञान केंद्र में विश्व दुग्ध दिवस पर सोमवार को वेबिनार हुआ, जिसमें वैज्ञानिकों ने कृषि सह व्यवसाय डेयरी को कृषकों की आजीविका बढ़ाने वाला बताया। सोमवार को वेबिनार का उद्घाटन केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डा. चित्रांगद राघव ने किया। पशु चिकित्साधिकारी डा. राजा बाबू गुप्ता ने पशुओं की देखरेख, आवास एवं आहार की जानकारी दी। इस मौके पर डा. गौरव पपनै, डा. पंकज नौटियाल, नीरज जोशी, रोहिणी खोब्रागडे, वरुण सुप्याल, ख्याली राम, रीतिका भास्कर आदि मौजूद थे। संवाद
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