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किसानों की आय बढ़ाने में मददगार होगा मगरा उद्यान
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किसानों की आय बढ़ाने में राजकीय उद्यान मगरा मददगार साबित होगा। लंबे समय से वीरान पड़े मगरा उद्यान को उद्यान विभाग ने फिर से पुनर्जीवित किया है। मगरा उद्यान में अब सेब, नाशपाती, आडू, पुलम को छोड़कर बागवानी मिशन के अंतर्गत कीवी और अखरोट के पौधे तैयार किए गए हैं। इस वर्ष उद्यान विभाग ने मगरा उद्यान में आठ हजार कीवी और सात हजार अखरोट के पौधे तैयार किए हैं। कीवी के पौधे काश्तकारों को निशुल्क और अखरोट के पौधे बाजार दर से आधे दाम पर मुहैया कराए जाएंगे। आगामी जनवरी में उद्यान विभाग पौधों का वितरण करेगा।
जौनपुर ब्लॉक के मगरा उद्यान में 1960 से उद्यान विभाग सेब, नाशपाती, आडू, पुलम की पैदावार करता आ रहा था। जलवायु परिवर्तन के कारण मगरा उद्यान में सेब, नाशपाती और पुलम की पैदावार अब कम होने लगी थी। बंदर उद्यान विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। मगरा उद्यान के पेड़ों पर फल तैयार होते ही बंदरों का झुुंड फलों को चट कर रहे थे। ऐसी स्थिति में उद्यान विभाग के लिए मगरा उद्यान घाटे का सौदा बनता जा रहा था। घाटे की भरपाई के लिए उद्यान विभाग ने वर्ष 2020 में मगरा उद्यान में कीवी और अखरोट के पौध उगाने की योजना तैयार की। कीवी और अखरोट को बंदर नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। 44 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले उद्यान में 14 हेक्टेयर भूमि पर उद्यान विभाग ने आठ हजार कीवी और सात हजार अखरोट के पौधे तैयार किए हैं। जिला उद्यान अधिकारी डा. डीके तिवारी ने बताया कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और काश्तकारों की आय बढ़ाने के लिए विभाग मगरा उद्यान में उगाए गए कीवी और अखरोट के पौधों का जनवरी में वितरण करेगा। कीवी के पौधे निशुल्क और अखरोट के पौधे आधे दाम पर मुहैया कराए जाएंगे।
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जौनपुर ब्लॉक के मगरा उद्यान में 1960 से उद्यान विभाग सेब, नाशपाती, आडू, पुलम की पैदावार करता आ रहा था। जलवायु परिवर्तन के कारण मगरा उद्यान में सेब, नाशपाती और पुलम की पैदावार अब कम होने लगी थी। बंदर उद्यान विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। मगरा उद्यान के पेड़ों पर फल तैयार होते ही बंदरों का झुुंड फलों को चट कर रहे थे। ऐसी स्थिति में उद्यान विभाग के लिए मगरा उद्यान घाटे का सौदा बनता जा रहा था। घाटे की भरपाई के लिए उद्यान विभाग ने वर्ष 2020 में मगरा उद्यान में कीवी और अखरोट के पौध उगाने की योजना तैयार की। कीवी और अखरोट को बंदर नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। 44 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले उद्यान में 14 हेक्टेयर भूमि पर उद्यान विभाग ने आठ हजार कीवी और सात हजार अखरोट के पौधे तैयार किए हैं। जिला उद्यान अधिकारी डा. डीके तिवारी ने बताया कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और काश्तकारों की आय बढ़ाने के लिए विभाग मगरा उद्यान में उगाए गए कीवी और अखरोट के पौधों का जनवरी में वितरण करेगा। कीवी के पौधे निशुल्क और अखरोट के पौधे आधे दाम पर मुहैया कराए जाएंगे।
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