{"_id":"5efcb74b8ebc3e42f66d7e6e","slug":"hotel-management-institute-gets-aicte-recognition-new-tehri-news-drn3487104108","type":"story","status":"publish","title_hn":"होटल मैनेजमेंट संस्थान को मिली एआईसीटीई की मान्यता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होटल मैनेजमेंट संस्थान को मिली एआईसीटीई की मान्यता
विज्ञापन
स्टेट इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड इंपलाइड न्यूट्रीशियन को आखिरकार चार साल के इंतजार के बाद अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने मान्यता दे दी है। इसके अलावा संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर ने रिसर्च, पीजी और डिप्लोमा कोर्स भी शुरू करने की मंजूरी दी है। जल्द एकेडमिक काउंसिल से अनुमति मिलने के बाद प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।
वर्ष 2015-16 में होटल मैनेजमेंट संस्थान की स्थापना हुई थी, लेकिन फैकल्टी, कक्ष, छात्रावास, प्रयोगशाला की कमी से भूमि का दाखिला संस्थान के नाम पर न होने से लेकर अन्य सुविधाओं के अभाव में चार साल से एआईसीटीई (आखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) से मान्यता नहीं दे पा रहा था। सरकार ने अधूरे पड़े भवन निर्माण और अन्य जरूरी कार्यों को पूरा करवाने को करीब चार करोड़ देकर भूमि का संस्थान के नाम पर की। साथ ही एआईसीटीई की ओर से लगाई गई सभी आपत्तियों को भी संस्थान ने दूर की। इसके बाद एआईसीटीई ने 15 जून को संस्थान को 66 सीटों के साथ मान्यता दे दी है।
मान्यता मिलने से पासआउट होने वाले छात्र-छात्राएं देशभर के किसी भी संस्थान में पीजी में प्रवेश, सरकारी, गैर सरकारी सेवा में लाभ ले सकेंगे। संस्थान को भी एमएचआरडी से रिसर्च से लेकर अन्य तरह की सुविधाओं के लिए अनुदान, आर्थिक रूप से कमजोर और एससी-एसटी को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
अब सभी तरह की सुविधाएं संस्थान को मिलेगी। साथ ही डिप्लोमा कोर्स, पीजी और तीन विषयों में रिसर्च की भी एकेडमिक काउंसिल से जल्द मान्यता मिलने की उम्मीद है।
-डा. यशपाल नेगी, निदेशक एचएम संस्थान नई टिहरी।
विज्ञापन
वर्ष 2015-16 में होटल मैनेजमेंट संस्थान की स्थापना हुई थी, लेकिन फैकल्टी, कक्ष, छात्रावास, प्रयोगशाला की कमी से भूमि का दाखिला संस्थान के नाम पर न होने से लेकर अन्य सुविधाओं के अभाव में चार साल से एआईसीटीई (आखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) से मान्यता नहीं दे पा रहा था। सरकार ने अधूरे पड़े भवन निर्माण और अन्य जरूरी कार्यों को पूरा करवाने को करीब चार करोड़ देकर भूमि का संस्थान के नाम पर की। साथ ही एआईसीटीई की ओर से लगाई गई सभी आपत्तियों को भी संस्थान ने दूर की। इसके बाद एआईसीटीई ने 15 जून को संस्थान को 66 सीटों के साथ मान्यता दे दी है।
विज्ञापन
मान्यता मिलने से पासआउट होने वाले छात्र-छात्राएं देशभर के किसी भी संस्थान में पीजी में प्रवेश, सरकारी, गैर सरकारी सेवा में लाभ ले सकेंगे। संस्थान को भी एमएचआरडी से रिसर्च से लेकर अन्य तरह की सुविधाओं के लिए अनुदान, आर्थिक रूप से कमजोर और एससी-एसटी को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
अब सभी तरह की सुविधाएं संस्थान को मिलेगी। साथ ही डिप्लोमा कोर्स, पीजी और तीन विषयों में रिसर्च की भी एकेडमिक काउंसिल से जल्द मान्यता मिलने की उम्मीद है।
-डा. यशपाल नेगी, निदेशक एचएम संस्थान नई टिहरी।