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जंगल की आग से बाल-बाल बचा सेना का शस्त्रागार
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, नरेंद्रनगर (टिहरी)
Updated Wed, 27 Apr 2016 09:34 PM IST
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आर्मी कैंट के पास जंगल में भड़की आग से सेना का शस्त्रागार (गोला-बारूद स्टोर) और सीएसडी कैंटीन बाल-बाल बच गई। अग्निशमन विभाग ने बमुश्किल आग पर काबू कर सेना का स्टोर बचाया। नगर क्षेत्र में हाईड्रेंट (पानी के टैंक) पर लोगों का कब्जा होने से फायर ब्रिगेड को घटनास्थल से 15 किमी दूर ऋषिकेश से पानी की व्यवस्था करनी पड़ी।
सेना छावनी से सटे जंगल में बुधवार दोपहर एक बजे आग भड़क गई। देखते ही देखते आग सेना के शस्त्रागार और सीएसडी कैंटीन के पास आने लगी, तो वहां मौजूद सेना के अधिकारियों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। अग्निशमन वाहन के वहां पहुंचने तक आग शस्त्रागार से पांच मीटर दूरी तक आ गई थी। नगर क्षेत्र में जो हाईड्रेंट बनाए गए थे, उन पर 10-15 सालों से लोग कब्जा किए हैं। ऐसे में फायर ब्रिगेड कर्मियों को आग बुझाने के लिए 15 किमी दूर ऋषिकेश से पानी की व्यवस्था करनी पड़ी।
कैंट के पास आगजनी की सूचना मिलने पर वन विभाग को भी सूचित किया गया था, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। आग पर काबू पाने के लिए पानी की समस्या आड़े आई। हमें ऋषिकेश से पानी लाना पड़ा।
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- राजेश कुमार, अग्निशमन अधिकारी नरेंद्रनगर।
ओणी के पास जंगल में मंगलवार शाम आग लगने की सूचना मिली थी। बुधवार सुबह वहां कर्मचारी भेजे गए, वह आग बुझाकर लौटे थे। दिन में किसी ने फिर आग लगा दी। तब तक नागणी में भी आगजनी की सूचना मिलने पर सभी कर्मचारी वहां रवाना हो गए थे।
-बीपी बधानी, रेंज अधिकारी, नरेंद्रनगर।
बड़ा हादसा टला
नरेंद्रनगर (टिहरी)। आर्मी कैंट के शस्त्रागार में काफी मात्रा में गोला-बारूद रहता है। स्टोर के पांच मीटर तक आग पहुंच गई थी, समय रहते वनाग्नि पर काबू पाने से यहां एक बड़ी दुर्घटना होने से टल गई। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि स्टोर तक आग पहुंच जाती, तो आसपास पांच किमी का दायरा इसकी चपेट में आ जाता। ऐसी स्थिति में बड़ा नुकसान हो सकता था।
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सेना छावनी से सटे जंगल में बुधवार दोपहर एक बजे आग भड़क गई। देखते ही देखते आग सेना के शस्त्रागार और सीएसडी कैंटीन के पास आने लगी, तो वहां मौजूद सेना के अधिकारियों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। अग्निशमन वाहन के वहां पहुंचने तक आग शस्त्रागार से पांच मीटर दूरी तक आ गई थी। नगर क्षेत्र में जो हाईड्रेंट बनाए गए थे, उन पर 10-15 सालों से लोग कब्जा किए हैं। ऐसे में फायर ब्रिगेड कर्मियों को आग बुझाने के लिए 15 किमी दूर ऋषिकेश से पानी की व्यवस्था करनी पड़ी।
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कैंट के पास आगजनी की सूचना मिलने पर वन विभाग को भी सूचित किया गया था, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। आग पर काबू पाने के लिए पानी की समस्या आड़े आई। हमें ऋषिकेश से पानी लाना पड़ा।
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- राजेश कुमार, अग्निशमन अधिकारी नरेंद्रनगर।
ओणी के पास जंगल में मंगलवार शाम आग लगने की सूचना मिली थी। बुधवार सुबह वहां कर्मचारी भेजे गए, वह आग बुझाकर लौटे थे। दिन में किसी ने फिर आग लगा दी। तब तक नागणी में भी आगजनी की सूचना मिलने पर सभी कर्मचारी वहां रवाना हो गए थे।
-बीपी बधानी, रेंज अधिकारी, नरेंद्रनगर।
बड़ा हादसा टला
नरेंद्रनगर (टिहरी)। आर्मी कैंट के शस्त्रागार में काफी मात्रा में गोला-बारूद रहता है। स्टोर के पांच मीटर तक आग पहुंच गई थी, समय रहते वनाग्नि पर काबू पाने से यहां एक बड़ी दुर्घटना होने से टल गई। अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि स्टोर तक आग पहुंच जाती, तो आसपास पांच किमी का दायरा इसकी चपेट में आ जाता। ऐसी स्थिति में बड़ा नुकसान हो सकता था।