{"_id":"696cd93949a01b3851008cb6","slug":"five-anganwadi-centers-in-chamba-block-area-have-become-child-friendly-tehri-news-c-50-1-sdrn1016-116867-2026-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: चंबा ब्लॉक क्षेत्र के पांच आंगनबाड़ी केंद्र बने बालमैत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: चंबा ब्लॉक क्षेत्र के पांच आंगनबाड़ी केंद्र बने बालमैत्री
Sun, 18 Jan 2026 06:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 18 Jan 2026 06:29 PM IST
विज्ञापन
ओएनजीसी के सहयोग से संवारी गई आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत
नई टिहरी। ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति रानीचौरी की पहल पर टिहरी जिले के चंबा ब्लॉक के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को बालमैत्री और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। जसपुर, भाटुसैण, गुनोगी, नकोट और चोपड़ियाल गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों का मरम्मत कार्य, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण कर उन्हें बच्चों के लिए आकर्षक और सुरक्षित बनाया गया है।
प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों की दीवारों पर बच्चों की समझ और रुचि के अनुरूप शैक्षिक कार्टून, अक्षर-ज्ञान, संख्याओं और सीखने से जुड़ी आकृतियां उकेरी गई है। ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने बताया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र की साज-सज्जा और आवश्यक सामग्री पर लगभग 2.50 लाख रुपये की लागत आई है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को बालमैत्री, सुरक्षित और प्रेरक वातावरण देने के उद्देश्य से यह कार्य किया गया है।
जसपुर की प्रधान श्वेता नेगी, चोपड़ियाल के विनोद डबराल और गुनोगी की सुशीला थपलियाल ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की पहली पाठशाला होते हैं। बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिलने से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ेगी। उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा मिल सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
नई टिहरी। ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति रानीचौरी की पहल पर टिहरी जिले के चंबा ब्लॉक के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को बालमैत्री और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। जसपुर, भाटुसैण, गुनोगी, नकोट और चोपड़ियाल गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों का मरम्मत कार्य, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण कर उन्हें बच्चों के लिए आकर्षक और सुरक्षित बनाया गया है।
प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों की दीवारों पर बच्चों की समझ और रुचि के अनुरूप शैक्षिक कार्टून, अक्षर-ज्ञान, संख्याओं और सीखने से जुड़ी आकृतियां उकेरी गई है। ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने बताया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र की साज-सज्जा और आवश्यक सामग्री पर लगभग 2.50 लाख रुपये की लागत आई है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को बालमैत्री, सुरक्षित और प्रेरक वातावरण देने के उद्देश्य से यह कार्य किया गया है।
विज्ञापन
जसपुर की प्रधान श्वेता नेगी, चोपड़ियाल के विनोद डबराल और गुनोगी की सुशीला थपलियाल ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की पहली पाठशाला होते हैं। बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिलने से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ेगी। उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा मिल सकेगी।
विज्ञापन