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Tehri News: कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पेयजल किल्लत
Sun, 28 Apr 2024 05:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sun, 28 Apr 2024 05:38 PM IST
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नई टिहरी। नरेंद्रनगर ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय आमपाटा में कई दिनों से पानी का संकट बना हुआ है। विद्यालय में अध्ययनरत 150 छात्राएं पानी के लिए तरस रही हैं। स्थिति यह है कि छात्राओं को आधा किमी दूर गदेरे से पानी ढोना पड़ रहा है।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय आमपाटा में नरेंद्रनगर ब्लॉक की 150 छात्राएं पढ़ती हैं। छात्रावास के लिए पहले आमपाटा से पानी आता था, लेकिन इस लाइन पर पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण तीन-चार साल पहले गैंडी गांव से छात्रावास को जोड़ा गया है। वर्तमान में जल जीवन मिशन के तहत गांव घर-घर पानी का कनेक्शन दिया गया है। जब टैंक से पानी खुलता है, तो वह गांव के लिए ही पूरा नहीं हो पाता है। इन दिनों गर्मी बढ़ने के कारण टैंक पर भी पानी कम हो गया है। छात्राएं करीब पांच सौ मीटर दूर स्थित गदेरे से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं।
वार्डन मधु नेगी का कहना है कि गैंडी गांव से जो लाइन आ रही है, इससे बार-बार पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। लंबे समय से छात्रावास के दो किमी दूर स्थित स्रोत से अलग से लाइन बिछाने की मांग की जा रही है।
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गैंडी गांव की पाइप लाइन ग्राम पंचायत के अधीन है। इस लाइन की देखरेख ग्राम पंचायत ही करती है। जिससे दिक्कत आ रही है। गांव के पास एक पेयजल स्रोत है। इस स्रोत से छात्रावास का अलग से लाइन बिछाने के लिए विभाग तैयार है। लेकिन ग्रामीण इस स्रोत से पानी ले जाने का विरोध कर रहे हैं।
-प्रवीण शाह, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम मुनिकीरेती टिहरी।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय आमपाटा में नरेंद्रनगर ब्लॉक की 150 छात्राएं पढ़ती हैं। छात्रावास के लिए पहले आमपाटा से पानी आता था, लेकिन इस लाइन पर पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण तीन-चार साल पहले गैंडी गांव से छात्रावास को जोड़ा गया है। वर्तमान में जल जीवन मिशन के तहत गांव घर-घर पानी का कनेक्शन दिया गया है। जब टैंक से पानी खुलता है, तो वह गांव के लिए ही पूरा नहीं हो पाता है। इन दिनों गर्मी बढ़ने के कारण टैंक पर भी पानी कम हो गया है। छात्राएं करीब पांच सौ मीटर दूर स्थित गदेरे से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं।
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वार्डन मधु नेगी का कहना है कि गैंडी गांव से जो लाइन आ रही है, इससे बार-बार पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। लंबे समय से छात्रावास के दो किमी दूर स्थित स्रोत से अलग से लाइन बिछाने की मांग की जा रही है।
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गैंडी गांव की पाइप लाइन ग्राम पंचायत के अधीन है। इस लाइन की देखरेख ग्राम पंचायत ही करती है। जिससे दिक्कत आ रही है। गांव के पास एक पेयजल स्रोत है। इस स्रोत से छात्रावास का अलग से लाइन बिछाने के लिए विभाग तैयार है। लेकिन ग्रामीण इस स्रोत से पानी ले जाने का विरोध कर रहे हैं।
-प्रवीण शाह, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम मुनिकीरेती टिहरी।