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विस्थापित टिन शेड वासियों को नेताओं पर नहीं रहा भरोसा

Sun, 30 Jan 2022 05:42 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jan 2022 05:42 PM IST
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Displaced tin shed residents have no faith in leaders
चुनाव में जहां प्रत्याशी चहुमुखी विकास के दावे करते नहीं थक रहे हैं। वहीं जिला मुख्यालय स्थित बौराड़ी टिन शेड कालोनीवासियों पर पुरानी टिहरी डूबने के 21 वर्ष बाद भी नेताजी की नजरें इनायत नहीं हुई। विस्थापन के दर्द से कराह रहे लोग जर्जर टिन शेडों के घरों में पड़ी चौड़ी दरारें, खस्ताहाल सड़क पर सफर करने की उनकी नियति बन गई है। कालोनी के वासिंदे कहते हैं कि चुनाव के समय नेताओं के समर्थक वोट मांगने आते हैं, उन्हें अपनी समस्या बताने पर वह चुनाव जीतने पर निराकरण का भरोसा देने के बाद गायब हो जाते हैं। कालोनीवासियों की सबसे बड़ी समस्या शौचालय की बनी हुई है। दो-तीन परिवारों का एक-एक संयुक्त शौचालय है।
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मास्टर प्लान से बसाए गए नई टिहरी शहर में कई विस्थापित परिवार बौराड़ी स्थित टिन शेड कालोनी में बदहाल जीवन बिता रहे हैं। टिहरी डूबते समय जिन परिवारों का विस्थापन नहीं हो पाया था, ऐसे परिवारों को केमसारी के आसपास टिन शेड बनाकर अस्थायी रूप से आवंटित किए गए थे। जो आज जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। बावजूद 21 वर्ष बाद भी लगभग डेढ़ सौ परिवार एक-एक कमरे में गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि कई घरों के टिन शेड में मोटी दरारें आ गई। कमरे का दरवाजा तक ठीक से बंद नहीं हो पाता है। चार फीट के आंगन में बच्चे कब दस-बारह फीट की दीवार से गिर जाएं कुछ भरोसा नहीं। खस्ताहाल सड़क, बंद नालियों की समस्या मुंह बाएं खड़ी है। टिन शेड में निवासरत लोगों का कहना है कि हर चुनाव के समय नेताओं के समर्थक वोट मांगने आते हैं। उन्हें अपनी समस्या बताने पर वह जीतने के बाद निराकरण का भरोसा जरूर देते हैं, लेकिन उसके बाद गायब हो जाते हैं।
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सरकार स्वच्छ भारत अभियान चला रही है, लेकिन कमेसारी में निवासरत अधिकांश परिवारों के पास अपना शौचालय तक नहीं है। दो-तीन परिवारों का एक संयुक्त शौचालय है। शौचालय बनाने के लिए कई बार आवेदन दिया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एक-एक कमरे में सभी परिवार किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं।
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-सुमित्रा देवी, निवासी टिनशेड कालोनी केमसारी
वर्ष 2001 में हम लोगों को पुरानी टिहरी से यहां शिफ्ट कर दिया गया था। उस वक्त से हर चुनाव में हमें मालिकाना हक देने का आश्वासन जनप्रतिनिधि देते आ आ रहे हैं। सफाई व्यवस्था के लिए कोई कर्मचारी यहां नहीं आता है। सभी परिवारों को खुद ही रास्ते और सड़क की सफाई करनी पड़ती है।
-संदीप कुमार, निवासी टिन शेड कलोनी के मसारी
कई बार यहां सीवर लाइन चौक हो जाती है। शिकायत दर्ज कराने पर नगर पालिका कहती है कि जल संस्थान ठीक करेगा और जल संस्थान नगर पालिका का हवाला देती है। जनप्रतिनिधि केमसारी में सिर्फ वोट मांगने के वक्त आते हैं। समस्या बताने पर आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद दोबारा यहां नहीं आते हैं।

-जगदीश, सेवानिवृत्त कर्मचारी पशुपालन विभाग केमसारी
घरों की टिन खराब होने के कारण बारिश का पानी सीधे अंदर आता है। आजकल रात में पाला गिरने पर छत टपक रही है। सरकार ने गरीबों के लिए घर बना रही है, लेकिन टिन शेड कालोनी में निवासरत परिवारों को नया पक्का घर बनाने की पैरवी किसी भी जनप्रतिनिधि ने नहीं की।
-रूपा वर्मा, निवासी टिनशेड कालोनी के मसारी
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