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दुष्कर्म पीड़ित बच्ची की हालत बिगड़ी, रेफर
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नई टिहरी। नौ साल की दुष्कर्म पीड़ित बच्ची के पेट में अचानक तेज दर्द होने पर परिजनों ने उसे दोबारा मसूरी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। डाक्टरों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर देहरादून रेफर कर दिया है। समाज कल्याण मंत्री ने पीड़िता के घर पहुंचकर परिजनों को न्याय दिलाने और पीड़िता के उचित उपचार का आश्वासन दिया। उन्होंने पीड़िता के परिजनों को सरकार की ओर से ढाई लाख की आर्थिक सहायता का चेक भी दिया।
जौनपुर क्षेत्र में 30 मई को अनुसूचित जाति की नौ साल की बच्ची को घर में अकेला देखकर गांव के ही युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, लेकिन पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान दर्ज नहीं हो पाए थे। रविवार सुबह पीड़िता ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की। परिजन उसे मसूरी स्थित सिविल अस्पताल ले गए। एसडीएम धनोल्टी रजा अब्बास, तहसीलदार जेएस राणा भी पीड़िता के साथ अस्पताल गए। एसडीएम ने बताया कि पीड़िता को मसूरी में उपचार के बाद देहरादून रेफर किया गया है।
इस बीच, समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने पीड़िता के घर पहुंचकर घटना पर गहरा दु:ख जताया और पीड़िता का उचित उपचार कराने का भरोसा दिया। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आरोपी, पीड़िता और उसके परिजनों को एक ही वाहन में बैठाकर न्यायालय ले जाना उचित नहीं था। जन आंदोलन संगठन के राष्ट्रीय समन्वयक जबर सिंह वर्मा ने कहा कि पुलिस पीड़िता के अस्वस्थ होने के बावजूद उसे और उसके परिजनों को तीन दिन से देहरादून और नई टिहरी घुमा रही है, लेकिन अभी तक भी पीड़िता के 164 के बयान दर्ज नहीं करवा पाई है। घटना की विवेचना कर रहे सीओ नरेंद्रनगर से तत्काल जांच हटाकर किसी उच्च स्तरीय एजेंसी को जांच सौंपने की मांग की।
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जौनपुर क्षेत्र में 30 मई को अनुसूचित जाति की नौ साल की बच्ची को घर में अकेला देखकर गांव के ही युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, लेकिन पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान दर्ज नहीं हो पाए थे। रविवार सुबह पीड़िता ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की। परिजन उसे मसूरी स्थित सिविल अस्पताल ले गए। एसडीएम धनोल्टी रजा अब्बास, तहसीलदार जेएस राणा भी पीड़िता के साथ अस्पताल गए। एसडीएम ने बताया कि पीड़िता को मसूरी में उपचार के बाद देहरादून रेफर किया गया है।
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इस बीच, समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने पीड़िता के घर पहुंचकर घटना पर गहरा दु:ख जताया और पीड़िता का उचित उपचार कराने का भरोसा दिया। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आरोपी, पीड़िता और उसके परिजनों को एक ही वाहन में बैठाकर न्यायालय ले जाना उचित नहीं था। जन आंदोलन संगठन के राष्ट्रीय समन्वयक जबर सिंह वर्मा ने कहा कि पुलिस पीड़िता के अस्वस्थ होने के बावजूद उसे और उसके परिजनों को तीन दिन से देहरादून और नई टिहरी घुमा रही है, लेकिन अभी तक भी पीड़िता के 164 के बयान दर्ज नहीं करवा पाई है। घटना की विवेचना कर रहे सीओ नरेंद्रनगर से तत्काल जांच हटाकर किसी उच्च स्तरीय एजेंसी को जांच सौंपने की मांग की।
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