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Tehri News: नए शिक्षा सत्र में शिक्षक नहीं मिले तो दूसरे स्कूलों में भेज दिए बच्चे
Fri, 24 Apr 2026 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Fri, 24 Apr 2026 11:46 PM IST
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प्राथमिक स्कूल री-ओपन करने की मांग पूरी नहीं होने पर लिया निर्णय
नई टिहरी। छात्र संख्या शून्य होने के कारण शिक्षा विभाग को कई स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं। लेकिन गेंवली पाव का प्राथमिक स्कूल शिक्षिका के अक्सर गायब रहने के कारण बंद करना पड़ा। अभिभावक नया टीचर भेजने की मांग करते रहे। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर उन्हें अपने बच्चे दूसरे स्कूल भेजने को मजबूर होना पड़ा। जिससे विभाग ने अप्रैल 2025 में स्कूल बंद कर दिया। नए शिक्षा सत्र में भी शिक्षक की नियुक्त नहीं होने पर कई अभिभावकों ने बच्चे दूर स्कूल में भर्ती करा दिए। जबकि गांव के कई बच्चे अब भी स्कूल खुलने के इंतजार में हैं।
जाखणीधार ब्लॉक के ग्राम पंचायत गेंवली पाव का प्राथमिक स्कूल सालभर पहले छात्र संख्या शून्य होने के कारण बंद कर दिया गया था। जबकि अभिभावकों का कहना है, कि स्कूल में कार्यरत शिक्षिका के अक्सर गायब रहती थी। उसके बदले नया टीचर नियुक्त करने की मांग पर कोई सुनवाई नहीं होने पर अभिभावकों को स्कूल में पढ़ रहे करीब 25 बच्चों को दूसरे स्कूलों में भेजने पड़े। इस कारण गेंवली प्राथमिक स्कूल में छात्र संख्या शून्य हो गई। गांव की प्रधान सरिता रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा मंद्रवाल और राकेश सिंह मंद्रवाल ने बताया कि स्कूल में कार्यरत शिक्षिका की लापरवाही के कारण ही अभिभावकों ने अपने बच्चे तीन किमी दूर लवोई गांव और चार किमी दूर पौखाल भेजने पड़े। इस साल नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले भी विभाग को पत्र भेजकर स्कूल को री-ओपन करने की मांग पर विभाग ने जूनियर हाईस्कूल में कार्यरत एक शिक्षक भेजकर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराई। लेकिन अभिभावक शिक्षक की नियुक्त होने के बाद ही बच्चे भर्ती करने की मांग पर अड़े रहे। 20 अप्रैल तक भी शिक्षक नहीं मिलने पर कई लोगों को अपने बच्चे दूसरे स्कूलों में भेजने पड़े। बावजूद गेंवली प्राथमिक स्कूल अभी तक तीन बच्चों ने ही प्रवेश लिया है। जबकि 3-4 बच्चे स्कूल खुलने के इंतजार में हैं।
इनका क्या है कहना
गेंवली पाव प्राथमिक स्कूल को खोलने की अनुमति दे दी गई है। वहां पहले नियुक्त किए गए शिक्षक की ड्यटूी जनगणना में लग गई। इस कारण दूसरे शिक्षक का आर्डर बनाया गया है। वह सोमवार तक वह स्कूल ज्वाइन कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर देंगे।
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- पूनम चौहान, जिला शिक्षाधिकारी(बेसिक) टिहरी।
जारी-विजय गुसाईं
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नई टिहरी। छात्र संख्या शून्य होने के कारण शिक्षा विभाग को कई स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं। लेकिन गेंवली पाव का प्राथमिक स्कूल शिक्षिका के अक्सर गायब रहने के कारण बंद करना पड़ा। अभिभावक नया टीचर भेजने की मांग करते रहे। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर उन्हें अपने बच्चे दूसरे स्कूल भेजने को मजबूर होना पड़ा। जिससे विभाग ने अप्रैल 2025 में स्कूल बंद कर दिया। नए शिक्षा सत्र में भी शिक्षक की नियुक्त नहीं होने पर कई अभिभावकों ने बच्चे दूर स्कूल में भर्ती करा दिए। जबकि गांव के कई बच्चे अब भी स्कूल खुलने के इंतजार में हैं।
जाखणीधार ब्लॉक के ग्राम पंचायत गेंवली पाव का प्राथमिक स्कूल सालभर पहले छात्र संख्या शून्य होने के कारण बंद कर दिया गया था। जबकि अभिभावकों का कहना है, कि स्कूल में कार्यरत शिक्षिका के अक्सर गायब रहती थी। उसके बदले नया टीचर नियुक्त करने की मांग पर कोई सुनवाई नहीं होने पर अभिभावकों को स्कूल में पढ़ रहे करीब 25 बच्चों को दूसरे स्कूलों में भेजने पड़े। इस कारण गेंवली प्राथमिक स्कूल में छात्र संख्या शून्य हो गई। गांव की प्रधान सरिता रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा मंद्रवाल और राकेश सिंह मंद्रवाल ने बताया कि स्कूल में कार्यरत शिक्षिका की लापरवाही के कारण ही अभिभावकों ने अपने बच्चे तीन किमी दूर लवोई गांव और चार किमी दूर पौखाल भेजने पड़े। इस साल नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले भी विभाग को पत्र भेजकर स्कूल को री-ओपन करने की मांग पर विभाग ने जूनियर हाईस्कूल में कार्यरत एक शिक्षक भेजकर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कराई। लेकिन अभिभावक शिक्षक की नियुक्त होने के बाद ही बच्चे भर्ती करने की मांग पर अड़े रहे। 20 अप्रैल तक भी शिक्षक नहीं मिलने पर कई लोगों को अपने बच्चे दूसरे स्कूलों में भेजने पड़े। बावजूद गेंवली प्राथमिक स्कूल अभी तक तीन बच्चों ने ही प्रवेश लिया है। जबकि 3-4 बच्चे स्कूल खुलने के इंतजार में हैं।
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इनका क्या है कहना
गेंवली पाव प्राथमिक स्कूल को खोलने की अनुमति दे दी गई है। वहां पहले नियुक्त किए गए शिक्षक की ड्यटूी जनगणना में लग गई। इस कारण दूसरे शिक्षक का आर्डर बनाया गया है। वह सोमवार तक वह स्कूल ज्वाइन कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर देंगे।
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- पूनम चौहान, जिला शिक्षाधिकारी(बेसिक) टिहरी।
जारी-विजय गुसाईं