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Tehri News: दोगुनी होगी श्रीदेव सुमन राजकीय पुस्तकालय की क्षमता
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नई टिहरी। श्रीदेव सुमन राजकीय पुस्तकालय की क्षमता बढ़ाने के साथ ही वहां की सुविधाओं को आधुनिक बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इससे न केवल विद्यार्थी, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयार करने वाले युवा भी लाभान्वित होंगे। पुस्तकालय का स्वरूप बदलने के लिए जिला प्रशासन 20 लाख की धनराशि खर्च करने जा रहा है। जिला योजना से पुस्तकालय की निचली मंजिल को भी अब हाईटेक बनाया जा रहा है।
सौ साल पुराना श्रीदेव सुमन राजकीय पुस्तकालय जल्द ही अब पूरी तरह से हाईटेक होने जा रहा है। पुस्तकालय को बेहतर बनाने का कार्य शुरू किया जा रहा है। पूर्व मेंं भी डीएम मयूर दीक्षित की पहल पर इस पुस्तकालय की ऊपरी मंजिल को हाईटेक बनाया गया था। उस कक्ष में उपलब्ध 14 हजार किताबों की इंडेक्सिंग की गई थी।
पुस्तकालय में उपलब्ध सभी पुस्तकों को ऑनलाइन किया गया था। पुस्तकालय में कंप्यूटर कक्ष, अलग-अलग कैटागिरी के लिए कैटलॉग, नर्सरी और आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए डिस्प्ले बोर्ड, फन बुक आदि की व्यवस्था की गई थी। तब से पुस्तकालय में नियमित रूप से 25 से 30 छात्र-छात्राएं अध्ययन करने पहुंचते हैं।
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डीएम ने बताया कि पुस्तकालय की निचली मंजिल को भी अब पूरी तरह से हाईटेक बनाया जा रहा है। इस कार्य के लिए जिला योजना से 20 लाख का बजट उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें पुरानी टिहरी शहर में लोगों को पुस्तकालय की सुविधा देने को तत्कालीन टिहरी नरेश नरेंद्र शाह ने 1923 में पुस्तकालय की स्थापना की थी। 2004-05 में पुरानी टिहरी डूबने के बाद पुस्तकालय को नई टिहरी के बौराड़ी घंटाघर के समीप शिफ्ट किया गया। श्रीदेव सुमन राजकीय पुस्तकालय में लगभग 20 हजार पुस्तकों का संकलन है।
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सौ साल पुराना श्रीदेव सुमन राजकीय पुस्तकालय जल्द ही अब पूरी तरह से हाईटेक होने जा रहा है। पुस्तकालय को बेहतर बनाने का कार्य शुरू किया जा रहा है। पूर्व मेंं भी डीएम मयूर दीक्षित की पहल पर इस पुस्तकालय की ऊपरी मंजिल को हाईटेक बनाया गया था। उस कक्ष में उपलब्ध 14 हजार किताबों की इंडेक्सिंग की गई थी।
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पुस्तकालय में उपलब्ध सभी पुस्तकों को ऑनलाइन किया गया था। पुस्तकालय में कंप्यूटर कक्ष, अलग-अलग कैटागिरी के लिए कैटलॉग, नर्सरी और आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए डिस्प्ले बोर्ड, फन बुक आदि की व्यवस्था की गई थी। तब से पुस्तकालय में नियमित रूप से 25 से 30 छात्र-छात्राएं अध्ययन करने पहुंचते हैं।
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डीएम ने बताया कि पुस्तकालय की निचली मंजिल को भी अब पूरी तरह से हाईटेक बनाया जा रहा है। इस कार्य के लिए जिला योजना से 20 लाख का बजट उपलब्ध कराया जाएगा। बता दें पुरानी टिहरी शहर में लोगों को पुस्तकालय की सुविधा देने को तत्कालीन टिहरी नरेश नरेंद्र शाह ने 1923 में पुस्तकालय की स्थापना की थी। 2004-05 में पुरानी टिहरी डूबने के बाद पुस्तकालय को नई टिहरी के बौराड़ी घंटाघर के समीप शिफ्ट किया गया। श्रीदेव सुमन राजकीय पुस्तकालय में लगभग 20 हजार पुस्तकों का संकलन है।