बीआरओ और सिंचाई विभाग की आपसी खींचतान में खांड-बिड़कोट की नहर मरम्मत का मामला नहीं सुलझ पा रहा है। एक साल से भी अधिक समय से चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच मंगलवार को फिर से हुई बैठक में समस्या का समाधान करने का प्रयास विफल रहा। दोनों विभागों की आपसी लड़ाई में लटकी नहर का पुनर्निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नहर का निर्माण कार्य जल्द शुरू नहीं कराया जाता है, तो ऑलवेदर रोड का काम अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा।
चंबा-धरासू हाईवे पर ऑल वेदर रोड का काम शुरू होने पर कंडीसौड़ तहसील क्षेत्र के ग्राम खांड-बिड़कोट की एक किमी से अधिक नहर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। नहर के रूप में लगाए गए पाइप रोड कटिंग के कारण एक साल पहले हटाए गए थे। तब से ही ग्रामीण बीआरओ और सिंचाई विभाग से नहर बनाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन दोनों विभागों की आपसी लड़ाई में ग्रामीणों की फजीहत हो रही है। कई दौर की संयुक्त वार्ता के बाद मंगलवार को भी मौके पर बीआरओ, सिंचाई विभाग, तहसील प्रशासन और ग्रामीणों की बैठक आहूत की गई, लेकिन हल नहीं निकल पाया। बीआरओ ने कहा कि सिंचाई विभाग ने जो एक करोड़ 80 लाख रुपये मांगे हैं, बीआरओ के लिए उसका भुगतान करना संभव नहीं है। काफी गहमा-गहमी के बाद बीआरओ ने ऑल वेदर रोड से क्षतिग्रस्त नहर बनाने पर सहमती जताते हुए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजने की बात कही। बीआरओ के डिप्टी कमांडेंड एबी सिंह ने कहा कि वहां से हरि झंडी मिलने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि बीआरओ के कारण उनकी 500 नाली जमीन सालभर से बंजर पड़ी हुई है। उन्होंने नहर निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है। बैठक में तहसीलदार किशन सिंह महंत, सिंचाई विभाग की सहायक अभियंता नीलम रावत, प्रधान चतर सिंह चौहान, बलदेव सिंह, बलवीर सिंह, राजपाल सिंह, मनवीर और दर्शन लाल आदि मौजूद थे।