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Tehri News: मिट्टी की जांच के बाद ही खेतों में डालें खाद
Wed, 04 Nov 2026 06:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 04 Nov 2026 06:47 PM IST
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कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित किसान गोष्ठी में बोले विशेषज्ञ
चिन्यालीसौड़। खेतों में बिना मिट्टी की जांच कराए खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल करने के बजाय किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही पोषक तत्वों का प्रयोग करें। कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ में बुधवार को आयोजित किसान गोष्ठी में विशेषज्ञों ने किसानों को यह सलाह दी।
देशव्यापी खेत बचाओ अभियान के तहत आयोजित गोष्ठी में मिट्टी की सेहत बचाने, उर्वरकों के संतुलित उपयोग और टिकाऊ खेती पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य किसान आयोग के उपाध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गोष्ठी में ब्लॉक प्रमुख रणवीर सिंह महंत समेत क्षेत्र के 100 से अधिक किसान शामिल हुए। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरएल मीना ने किसानों को गेहूं, मसूर और सब्जी मटर की उन्नत किस्मों की जानकारी दी।
वहीं डॉ. शशिधर बीआर ने सरसों की उन्नत खेती और डॉ. कौशल सिंह ने केंचुआ खाद तैयार करने की तकनीक बताई। किसानों को प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। गोष्ठी में कृषि विभाग ने विभागीय योजनाओं और नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक पारित गुप्ता ने कृषि ऋण एवं आर्थिक सहायता से जुड़ी जानकारियां साझा कीं। कार्यक्रम का आयोजन केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. गौरव पपनै के मार्गदर्शन में किया गया। संवाद
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चिन्यालीसौड़। खेतों में बिना मिट्टी की जांच कराए खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल करने के बजाय किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही पोषक तत्वों का प्रयोग करें। कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ में बुधवार को आयोजित किसान गोष्ठी में विशेषज्ञों ने किसानों को यह सलाह दी।
देशव्यापी खेत बचाओ अभियान के तहत आयोजित गोष्ठी में मिट्टी की सेहत बचाने, उर्वरकों के संतुलित उपयोग और टिकाऊ खेती पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य किसान आयोग के उपाध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गोष्ठी में ब्लॉक प्रमुख रणवीर सिंह महंत समेत क्षेत्र के 100 से अधिक किसान शामिल हुए। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरएल मीना ने किसानों को गेहूं, मसूर और सब्जी मटर की उन्नत किस्मों की जानकारी दी।
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वहीं डॉ. शशिधर बीआर ने सरसों की उन्नत खेती और डॉ. कौशल सिंह ने केंचुआ खाद तैयार करने की तकनीक बताई। किसानों को प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। गोष्ठी में कृषि विभाग ने विभागीय योजनाओं और नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक पारित गुप्ता ने कृषि ऋण एवं आर्थिक सहायता से जुड़ी जानकारियां साझा कीं। कार्यक्रम का आयोजन केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. गौरव पपनै के मार्गदर्शन में किया गया। संवाद
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