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मंज्यूड़ गांव के लोगों का गुस्सा फूटा
/ब्यूरो/ अमर उजाला, चंबा (टिहरी)।
Updated Tue, 28 Mar 2017 09:30 PM IST
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वीसी गबर सिंह के पैतृक आवास का संरक्षण करने, मंज्यूड़ गांव तक सड़क निर्माण करने और गबर सिंह के नाम पर लगने वाले मेले को पर्यटन मेला घोषित करने की मांग को लेकर क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों ने आंदोलन किया। मांगों को लेकर जन प्रतिनिधियों ने गबर सिंह के आवास के बाहर धरना दिया।
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वर्ष 2011 में तत्कालीन सीएम निशंक ने वीसी गबर सिंह के पैतृक आवास का संरक्षण करने, मंज्यूड़ गांव तक सड़क निर्माण करने और उनके नाम पर सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा की थी, लेकिन ये सभी घोषणाएं हवा-हवाई साबित हुए। गांव तक सड़क नहीं पहुंचने के कारण ग्रामीणों के सामने पैदल दूरी तय करने की मजबूरी बनी हुई है। गांव से बाजार पहुंचने के लिए लोगों को दो किमी की खड़ी चढ़ाई पार करनी पड़ती है। देखरेख के अभाव में पैतृक आवास दम तोड़ने के कगार पर है। गबर सिंह के नाम पर लगने वाले मेले को अभी तक पर्यटन मेला घोषित नहीं किया गया है।
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मांगों को लेकर क्षेत्र के लोगों ने मंगलवार को धरना दिया। कहा कि गबर सिंह की यादों को समेटे उनके पैतृक आवास का संरक्षण किया जाना चाहिए। कहा कि गबर सिंह के नाम पर सैनिक स्कूल खोला जाना चाहिए। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना देने वालों में प्रमुख आनंदी नेगी, लक्ष्मी देवी, पुलमा देवी, स्वांरी देवी, प्रधान महावीर नेगी, इंद्र सिंह नेगी, अतर सिंह नेगी, प्यार सिंह नेगी, कुंदन सिंह नेगी बैठे रहे।
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