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Tehri News: थौलधार ब्लॉक मुख्यालय में दूषित पानी की आपूर्ति होने से रोष
Mon, 11 Aug 2025 03:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Mon, 11 Aug 2025 03:51 PM IST
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पहले चार दिन बंद रही आपूर्ति अब मिल रहा मटमैला पानी
कंडीसौंड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लाॅक मुख्यालय में दूषित जलापूर्ति हो रही है। नलों में इतना मटमैला पानी आ रहा है कि वह कपड़े धुलने लायक भी नहीं है। तीन-चार दिन बाद हुई जलापूर्ति के बाद गंदा पानी मिलने पर उपभोक्ताओं में खासा रोष है। क्षेत्र के लोगों ने जल संस्थान से शुद्ध और साफ पेयजल आपूर्ति की मांग की है।
जल संस्थान की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। क्षेत्र में तीन-चार दिन पानी की आपूर्ति ठप रहने के बाद सप्लाई की गई लेकिन वह इतना मटमैला है कि पीने लायक नहीं। बाल्टी में पानी भरने के कुछ देर बाद ही मिट्टी की मोटी परत जम रही है। स्थानीय निवासी हुकम सिंह राणा, गंगा प्रसाद खंडूड़ी और सुमन सिंह गुसाईं ने बताया कि जल संस्थान की लचर व्यवस्था के कारण कंडीसौड़ के लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के लोगों ने जल संस्थान की लापरवाही के प्रति कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि 10-11 साल पहले फिल्टर टैंक बनाया गया था। बनने के तीन साल बाद शुरू होने के कुछ समय बाद से ही दूषित पानी की आपूर्ति शुरू हो गई थी जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। गुस्साए उपभोक्ताओं ने कहा कि जल संस्थान की यही लापरवाही बनी रही तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
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पेयजल लाइन जोड़ने के बाद पानी फिल्टर कर ही सप्लाई की गई थी। उसके बाद भी पानी गंदा आ रहा है तो शायद लोहे के पाइप में जंग लग गया होगा। एक-दो दिन बाद साफ पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
- गिरीश चंद्र सेमवाल, सहायक अभियंता, जल संस्थान।
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कंडीसौंड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लाॅक मुख्यालय में दूषित जलापूर्ति हो रही है। नलों में इतना मटमैला पानी आ रहा है कि वह कपड़े धुलने लायक भी नहीं है। तीन-चार दिन बाद हुई जलापूर्ति के बाद गंदा पानी मिलने पर उपभोक्ताओं में खासा रोष है। क्षेत्र के लोगों ने जल संस्थान से शुद्ध और साफ पेयजल आपूर्ति की मांग की है।
जल संस्थान की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। क्षेत्र में तीन-चार दिन पानी की आपूर्ति ठप रहने के बाद सप्लाई की गई लेकिन वह इतना मटमैला है कि पीने लायक नहीं। बाल्टी में पानी भरने के कुछ देर बाद ही मिट्टी की मोटी परत जम रही है। स्थानीय निवासी हुकम सिंह राणा, गंगा प्रसाद खंडूड़ी और सुमन सिंह गुसाईं ने बताया कि जल संस्थान की लचर व्यवस्था के कारण कंडीसौड़ के लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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क्षेत्र के लोगों ने जल संस्थान की लापरवाही के प्रति कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि 10-11 साल पहले फिल्टर टैंक बनाया गया था। बनने के तीन साल बाद शुरू होने के कुछ समय बाद से ही दूषित पानी की आपूर्ति शुरू हो गई थी जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। गुस्साए उपभोक्ताओं ने कहा कि जल संस्थान की यही लापरवाही बनी रही तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
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पेयजल लाइन जोड़ने के बाद पानी फिल्टर कर ही सप्लाई की गई थी। उसके बाद भी पानी गंदा आ रहा है तो शायद लोहे के पाइप में जंग लग गया होगा। एक-दो दिन बाद साफ पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
- गिरीश चंद्र सेमवाल, सहायक अभियंता, जल संस्थान।