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Tehri News: वन भूमि आड़े आने से अंधियारी गांव सड़क सुविधा से वंचित
Sat, 25 Apr 2026 03:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sat, 25 Apr 2026 03:53 PM IST
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सड़क तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को चढ़नी पड़ती है दो किमी की खड़ी चढ़ाई
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक का अंधियारी गांव वन भूमि के कारण सड़क से वंचित है। सड़क तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को करीब दो किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है।
सड़क सुविधा से वंचित चापड़ा के अंधियारी गांव के लोग परेशान हैं। गांव के पूर्व प्रधान पारसमणी सेमवाल और पूर्व जिला पंचायत सदस्य जयवीर सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में बीडीसी, जिला पंचायत बैठकों में गांव को सड़क से जोड़ने का कई बार प्रस्ताव दिया। बैठक में मांग भी उठाई गई लेकिन गांव सड़क से नहीं जुड़ पाया।
ग्राम प्रधान नीरज नौटियाल, सदस्य क्षेत्र पंचायत बबीता राणा, गोपाल चमोली ने कहा कि गांव में 35 परिवार निवासरत हैं। सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा का सामना सिर और कंधों पर ढोकर गांव पहुंचाना पड़ता है। गांव में शादी-विवाह होने या किसी के बीमार होने पर उसे सड़क तक पहुंचना सबसे कठिन काम है।
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चापड़ा गांव से अंधियारी के लिए मात्र तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाना है लेकिन वन और चीड़ के पेड़ आने से सड़क का निर्माण अधर में लटका है। ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन हर बार कोरा आश्वासन ही मिलता है।
रेंजर प्रदीप चौहान का कहना कि अंधियारी गांव को सड़क से जोड़ने के लिए अंधियारी और चापड़ा गांव के बीच में कई चीड़ के पेड़ आ रहे हैं। वन विभाग की ओर से पूर्व में सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलने के बाद पेड़ों का छपान किया जाएगा। उसके बाद ही विभाग एनओसी जारी कर पाएगा।
वन भूमि पर सड़क निर्माण की स्वीकृति न मिलने के कारण अंधियारी गांव के लिए सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा है। भूमि की स्वीकृति मिलने के बाद सड़क की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इसमें अभी लंब वक्त लग सकता है।
गणेश प्रसाद नौटियाल, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई।
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कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक का अंधियारी गांव वन भूमि के कारण सड़क से वंचित है। सड़क तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को करीब दो किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है।
सड़क सुविधा से वंचित चापड़ा के अंधियारी गांव के लोग परेशान हैं। गांव के पूर्व प्रधान पारसमणी सेमवाल और पूर्व जिला पंचायत सदस्य जयवीर सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में बीडीसी, जिला पंचायत बैठकों में गांव को सड़क से जोड़ने का कई बार प्रस्ताव दिया। बैठक में मांग भी उठाई गई लेकिन गांव सड़क से नहीं जुड़ पाया।
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ग्राम प्रधान नीरज नौटियाल, सदस्य क्षेत्र पंचायत बबीता राणा, गोपाल चमोली ने कहा कि गांव में 35 परिवार निवासरत हैं। सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा का सामना सिर और कंधों पर ढोकर गांव पहुंचाना पड़ता है। गांव में शादी-विवाह होने या किसी के बीमार होने पर उसे सड़क तक पहुंचना सबसे कठिन काम है।
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चापड़ा गांव से अंधियारी के लिए मात्र तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाना है लेकिन वन और चीड़ के पेड़ आने से सड़क का निर्माण अधर में लटका है। ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन हर बार कोरा आश्वासन ही मिलता है।
रेंजर प्रदीप चौहान का कहना कि अंधियारी गांव को सड़क से जोड़ने के लिए अंधियारी और चापड़ा गांव के बीच में कई चीड़ के पेड़ आ रहे हैं। वन विभाग की ओर से पूर्व में सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलने के बाद पेड़ों का छपान किया जाएगा। उसके बाद ही विभाग एनओसी जारी कर पाएगा।
वन भूमि पर सड़क निर्माण की स्वीकृति न मिलने के कारण अंधियारी गांव के लिए सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा है। भूमि की स्वीकृति मिलने के बाद सड़क की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इसमें अभी लंब वक्त लग सकता है।
गणेश प्रसाद नौटियाल, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई।