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बिना वार्ता के ही लौटे अनशनकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, टिहरी
Updated Sun, 22 Nov 2015 06:26 PM IST
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विस्थापन की मांग को लेकर टिहरी बांध प्रभावित नंदगांव के लोग रविवार को चौथे दिन भी अनशन पर डटे रहे। आंदोलनरत लोग वार्ता के लिए दो बार पुनर्वास निदेशक के कार्यालय में पहुंचे, लेकिन वहां से उन्हें बिना वार्ता के बैरंग लौटना पड़ा। पुनर्वास निदेशक की हठधर्मिता पर आक्रोश जताते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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नंदगांव के लोग आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के बैनर तले 16 नवंबर से आंदोलनरत हैं। 20 नवंबर से गांव के सोहन सिंह राणा, विक्रम सिंह, शैला देवी, रुसना देवी पुनर्वास निदेशालय में भूख हड़ताल पर बैठी हुई है। पूर्व में दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने के मुद्दे पर उनकी पुनर्वास विभाग के ईई से दो दौर की वार्ता विफल हो गई। रविवार को वे दो बार पुनर्वास निदेशक ज्योति नीरज खैरवाल से वार्ता के लिए कार्यालय में पहुंचे, लेकिन बिना वार्ता के उन्हें लौटना पड़ा। संघर्ष समिति के अध्यक्ष राणा ने बताया कि बुलावे के बाद भी पुनर्वास निदेशक ने उन से कोई वार्ता नहीं की। कहा यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो जाम लगाने के साथ ही पुनर्वास कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी। अनशन पर बैठी शैला देवी व रूशना देवी का स्वास्थ्य खराब हो रहा है।
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