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झील का नाम श्रीदेव सुमन नहीं रखने की निंदा
Tehri
Updated Sun, 23 Nov 2014 05:30 AM IST
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नई टिहरी। टिहरी जनक्रांति के नायक श्रीदेव सुमन के नाम पर टिहरी बांध की झील के नामकरण को लेकर पौड़ी से इतिहासकार एवं उत्तराखंड शोध संस्थान के सदस्य डा. यशवंत कठोच के बयान की संरक्षक भूमिधर विस्थापित संगठन एवं ‘त्रिहरी’ संगठन के सचिव महीपाल नेगी ने निंदा की है। कहा कि डा. कठोच का बयान केवल महान क्रांतिकारी श्रीदेव सुमन ही नहीं, बल्कि टिहरी और उत्तराखंड की जनता का भी अपमान है। टिहरी झील का नाम ‘सुमन सागर’ रखने का प्रस्ताव टिहरी के विधायक का नहीं, बल्कि टिहरी के आम लोगों का है। उन्होंने शोध संस्थान से डा. कठोच को बर्खास्त करने और बयान को वापस लेने की मांग की है। कहा कि कठोच यदि इतिहासकार हैं, तो उन्हें आजादी के आंदोलन में श्रीदेव सुमन के योगदान की जानकारी होनी चाहिए। श्रीदेव सुमन को वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान टिहरी के राजा ने अंग्रेजों से मिलीभगत कर आगरा की सेंट्रल जेल में भिजवा दिया था। टिहरी राजशाही के खिलाफ सुमन ने 84 दिन की भूख हड़ताल की, जिससे वे भारत के ‘मैक्स्विनी’ कहलाए।
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