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गोली लगने से बच्ची की मौत का रहस्य बरकरार
Tehri
Updated Sat, 18 Oct 2014 05:33 AM IST
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नई टिहरी। गजा उप तहसील के पाली गांव में 12 वर्षीय बालिका की गोली लगने से हुई संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने में राजस्व पुलिस को सफलता नहीं मिली है। हालांकि राजस्व पुलिस ने बंदूक और लाइसेंस को जब्त कर लिया है। इस मामले में किसी ने कोई तहरीर भी नहीं दी है।
गजा के पाली गांव निवासी शूरवीर सिंह रावत के घर में रहने वाली 12 वर्षीय रजनी पुत्री असाढ़ सिंह निवासी दिगोठी की बृहस्पतिवार रात आठ बजे गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घर के बरामदे में रजनी का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था। उसके बांए जबड़े पर गोली लगी थी। शुक्रवार को नायब तहसीलदार गंभीर सिंह मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि रजनी के हाथ में बंदूक देकर उन्होंने ऊपर के कमरे में रखने को कहा। इसी दौरान एकाएक बंदूक चल गई और उसके जबडे़ पर छर्रे लग गए। शूरवीर सिंह रावत नकोट अस्पताल में चीफ फार्मेसिस्ट हैं। छह साल पहले उन्होंने रजनी को गोद लिया था। शूरवीर सिंह के दो बडे़ लड़के हैं और दोनों नौकरी पर हैं। रजनी के पिता असाढ़ सिंह की माली हालत ठीक नहीं है और वह गजा के एक होटल में काम करते हैं। उसकी मां की मौत छह साल पहले हो चुकी है। उसकी एक बड़ी बहन और भाई दिगोठी गांव में रहते हैं। घटना की सूचना पर असाढ़ सिंह भी पाली गांव पहुंचे थे लेकिन उन्होंने बेटी की मौत के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया। तहरीर भी नहीं दी जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नरेंद्रनगर भेज दिया गया है।
इनका क्या है कहना
गोली लगने से बच्ची के मौत के मामले में उसके पिता की ओर से शिकायत दर्ज नहीं की गई है। फार्मेसिस्ट शूरवीर सिंह रावत से मामले में अभी और भी पूछताछ की जाएगी। उनकी बंदूक और लाइसेंस को जब्त कर लिया गया है।
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-गंभीर सिंह नायाब तहसीलदार गजा
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गजा के पाली गांव निवासी शूरवीर सिंह रावत के घर में रहने वाली 12 वर्षीय रजनी पुत्री असाढ़ सिंह निवासी दिगोठी की बृहस्पतिवार रात आठ बजे गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घर के बरामदे में रजनी का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था। उसके बांए जबड़े पर गोली लगी थी। शुक्रवार को नायब तहसीलदार गंभीर सिंह मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि रजनी के हाथ में बंदूक देकर उन्होंने ऊपर के कमरे में रखने को कहा। इसी दौरान एकाएक बंदूक चल गई और उसके जबडे़ पर छर्रे लग गए। शूरवीर सिंह रावत नकोट अस्पताल में चीफ फार्मेसिस्ट हैं। छह साल पहले उन्होंने रजनी को गोद लिया था। शूरवीर सिंह के दो बडे़ लड़के हैं और दोनों नौकरी पर हैं। रजनी के पिता असाढ़ सिंह की माली हालत ठीक नहीं है और वह गजा के एक होटल में काम करते हैं। उसकी मां की मौत छह साल पहले हो चुकी है। उसकी एक बड़ी बहन और भाई दिगोठी गांव में रहते हैं। घटना की सूचना पर असाढ़ सिंह भी पाली गांव पहुंचे थे लेकिन उन्होंने बेटी की मौत के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया। तहरीर भी नहीं दी जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नरेंद्रनगर भेज दिया गया है।
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इनका क्या है कहना
गोली लगने से बच्ची के मौत के मामले में उसके पिता की ओर से शिकायत दर्ज नहीं की गई है। फार्मेसिस्ट शूरवीर सिंह रावत से मामले में अभी और भी पूछताछ की जाएगी। उनकी बंदूक और लाइसेंस को जब्त कर लिया गया है।
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-गंभीर सिंह नायाब तहसीलदार गजा