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पत्नी के गम में पति ने दी जान
Tehri
Updated Wed, 15 Oct 2014 05:32 AM IST
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नैनबाग (टिहरी)। पत्नी के मौत के गम को पति बर्दाश्त नहीं कर पाया और फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पति के आत्महत्या करने का कारण डिप्रेशन बताया जा रहा है।
चिलामू गांव निवासी सुभाष (28) की पत्नी मोना देवी (23) की सोमवार को इंद्रेश अस्पताल देहरादून में मौत हो गई थी। मोना छह माह की गर्भवती थी। वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रही थी। सोमवार को मोना ने अस्पताल में अंतिम सांस ली। रात 11 बजे परिजन उसका शव लेकर गांव पहुंचे। तब से सुभाष डिप्रेशन में था। सुबह वह घर से एकांत में चला गया था, जब वह नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी ढूंढ खोज की। सुबह सात बजे उसका शव घर से 50 मीटर दूर एक पेड़ पर लटका हुआ मिला। मोना सुभाष की दूसरी पत्नी थी। उसकी पहली पत्नी सीमा की मौत भी लंबी बीमारी से 22 सितंबर 2013 को हो गई थी। उसके दो बेटे सूरज (6) और अजय (8) हैं। सुभाष और मोना की मौत के बाद उसके दोनों बच्चों की जिम्मेदारी बूढ़ी मां लीला देवी के कंधों पर आ गई है। मां के अलावा परिवार में कोई सदस्य नहीं है। सुभाष की सुमन क्यारी में टायर पंचर की दुकान थी।
एक साथ उठी पति-पत्नी की अर्थी
सुभाष और उसकी पत्नी मोना की अर्थी घर के आंगन से एक साथ उठी। इस दौरान गांव के हर आंगन में लोग रोते बिलखते रहे। उसकी मां लीला देवी बेहोश है और बच्चे अजय और सूरज बूढ़ी दादी पर चिपक कर ढाढ़स बधां रहे हैं। यमुना किनारे दोनों का दाह संस्कार किया गया।
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चिलामू गांव निवासी सुभाष (28) की पत्नी मोना देवी (23) की सोमवार को इंद्रेश अस्पताल देहरादून में मौत हो गई थी। मोना छह माह की गर्भवती थी। वह पिछले कई दिनों से बीमार चल रही थी। सोमवार को मोना ने अस्पताल में अंतिम सांस ली। रात 11 बजे परिजन उसका शव लेकर गांव पहुंचे। तब से सुभाष डिप्रेशन में था। सुबह वह घर से एकांत में चला गया था, जब वह नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी ढूंढ खोज की। सुबह सात बजे उसका शव घर से 50 मीटर दूर एक पेड़ पर लटका हुआ मिला। मोना सुभाष की दूसरी पत्नी थी। उसकी पहली पत्नी सीमा की मौत भी लंबी बीमारी से 22 सितंबर 2013 को हो गई थी। उसके दो बेटे सूरज (6) और अजय (8) हैं। सुभाष और मोना की मौत के बाद उसके दोनों बच्चों की जिम्मेदारी बूढ़ी मां लीला देवी के कंधों पर आ गई है। मां के अलावा परिवार में कोई सदस्य नहीं है। सुभाष की सुमन क्यारी में टायर पंचर की दुकान थी।
एक साथ उठी पति-पत्नी की अर्थी
सुभाष और उसकी पत्नी मोना की अर्थी घर के आंगन से एक साथ उठी। इस दौरान गांव के हर आंगन में लोग रोते बिलखते रहे। उसकी मां लीला देवी बेहोश है और बच्चे अजय और सूरज बूढ़ी दादी पर चिपक कर ढाढ़स बधां रहे हैं। यमुना किनारे दोनों का दाह संस्कार किया गया।
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