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18 वर्ष में भी सड़क से नहीं जुड़ा शहीद का गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, नई टिहरी
Updated Thu, 02 Mar 2017 10:25 PM IST
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शहीदों के सम्मान के नाम पर विभिन्न मौकों पर बड़ी-बड़ी बातें की जाती है। अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि शहीदों के लिए हर कुछ कर गुजरने की कसम खाते हैं, लेकिन शहीदों के नाम पर होने वाली घोषणाएं केवल कागजों में सिमट जाती है। कारगिल शहीद दिनेश दत्त बहुगुणा के गांव खेमड़ा को सड़क से जोड़ने की घोषणा के 18 साल बाद भी पूरी नहीं हो पाई है।
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जिला मुख्यालय के समीप खेमड़ा निवासी 17वीं गढ़वाल रायफल में तैनात दिनेश दत्त बहुगुणा दुश्मनों से लोहा लेते हुए 30 जून 1999 को कारगिल के बारामुला में शहीद हो गए थे। सरकार ने शहीद होने के बाद गांव को जोड़ने के लिए सड़क की घोषणा की थी।
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वर्ष 2004 में भागीरथीपुरम-खेमड़ा-कुंडाली पांच किमी मोटर मार्ग 69 लाख से स्वीकृत हुआ। बावजूद सड़क निर्माण में आ रही वनभूमि समेत अन्य दिक्कतों को दूर नहीं किए जाने के कारण सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है, जिससे तल्ली बागी, जुड़, बड़कोट, चवादंत, खेमड़ा, चोपड़ा और कुंडाली के करीब पांच सौ की आबादी वर्षों से कई किमी पैदल चलने को मजबूर है। ग्रामीण वर्षों से सड़क निर्माण को लेकर लोनिवि के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी शहीद के गांव तक सड़क पहुंचाने को लेकर संवेदनशील नजर नहीं आ रहे हैं।
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सड़क की केवल सैद्धांतिक स्वीकृति ही मिली थी, जिससे काम शुरू नहीं हो पाया। सड़क निर्माण में आ रही वनभूमि समेत अन्य दिक्कतों को दूर कर दिया गया है। अब सड़क की डीपीआर शासन को भेजी गई है। डीपीआर को स्वीकृति मिलने के बाद सड़क निर्माण का कार्य शुरू करवाया जाएगा।
-केएस नेगी, अधिशासी अभियंता लोनिवि बौराड़ी।