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कैसे होगी किसानों की आय दोगुनी, 70 लाख का नलकूप आठ साल से बंद
Sat, 13 Apr 2019 09:47 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कंडीसौड़ (टिहरी)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कंडीसौड़ (टिहरी)
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2019 09:47 AM IST
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फाइल फोटो
थौलधार ब्लॉक के नगुण पट्टी के ग्राम भंगर में काश्तकारों को सिंचाई की सुविधा मुहैया कराने के लिए नलकूप विभाग ने 70 लाख खर्च कर नलकूप तो बनाया है, लेकिन सिंचाई नहर निर्माण न होने से किसानों को नलकूप का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि नहर बन जाती है, तो भगर, कंडारगांव और उनियालगांव के काश्तकार अपनी तीन हजार नाली भूमि पर सिंचाई कर नकदी फसलों का उत्पादन से आजीविका के संसाधन बढ़ा सकते थे।
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नगुण पट्टी में राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े ग्राम भंगर, कंडारगांव और उनियाल गांव की तीन हजार नाली कृषि भूमि की सिंचाई के लिए वर्ष 2010-11 में भंगर गांव में नलकूल बनाया गया था। पानी की सप्लाई के लिए 100 मीटर पाइप भी बिछाए गए थे, जिससे आठ इंच पानी की टेस्टिंग भी सफल रही। पानी की सप्लाई के लिए बाकायदा बिजली का कनेक्शन भी लिया गया था।
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सिंचाई के लिए लघु सिंचाई विभाग को सप्लाई टैंक के साथ ही 1.3 किमी नहर बनानी थी, लेकिन आठ साल बाद भी नहर नहीं बन पाई है। यही नहीं इतने वर्षों में उपयोग किए बगैर बिजली कनेक्शन का सरचार्ज भी एक लाख 94 लाख रुपये पहुंचने पर ऊर्जा निगम ने अगस्त 2016 में कनेक्शन काट दिया था। भुगतान जमा करने पर फिर बिजली कनेक्शन चालू कर दिया गया है। क्षेत्र पंचायत सदस्य राखी देवी, महावीर उनियाल का कहना है कि नलकूप काश्तकारों के किसी काम का नहीं है। नहर निर्माण के लिए बीडीसी के माध्यम से लघु सिंचाई विभाग को दो बार प्रस्ताव दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों की आय दोगुनी करने का कार्य धरातल पर कम कागजों में ज्यादा हो रहा है।
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नलकूप तैयार होने के बाद लघु सिंचाई विभाग को नलकूप विभाग ने नहर निर्माण की एनओसी नहीं दी। वर्ष 2011-12 से लगातार नलकूप विभाग को नहर निर्माण करने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। यदि एनओसी मिलती है, तो वहां जल्द ही टैंक और नहर का निर्माण कर दिया जाएगा।
- अतुल पाठक, ईई, लघु सिंचाई विभाग