{"_id":"5c965197bdec22146d707441","slug":"15533552455-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वानिकी के चार विषयों की आठ सीटों में होगी पीएचडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वानिकी के चार विषयों की आठ सीटों में होगी पीएचडी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नई टिहरी। औद्यानिकी एवं वानिकी विवि के रानीचौरी परिसर में सत्र 2020 से छात्र-छात्राओं को वानिकी में पीएचडी करने का मौका भी मिलेगा। विवि की एकेडमिक काउंसिल ने वानिकी महाविद्यालय में पीएचडी में प्रवेश हेतु आठ सीटों की स्वीकृति दे दी है, लेकिन रानीचौरी परिसर में प्रोफेसरों की कमी से लेकर अन्य सुविधाओं के अभाव में इस सत्र में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
वर्ष 2011-12 में अस्तित्व में आए औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के वानिकी महाविद्यालय परिसर रानीचौरी में अभी तक बीएससी और एमएससी की कक्षाएं संचालित होती आ रही है, लेकिन पीएचडी की उपाधि लेने के इच्छुक छात्रों के लिए परिसर में पीएचडी की सुविधा नही थी। जिससे छात्र-छात्राओं को अन्यत्र पीएचडी को जाना पड़ता था, जिसको देखते हुए नवंबर में 2018 में हुई विवि की एकेडमिक काउंसिल ने परिसर में वानिकी के एग्री फोरेस्ट्री, ट्री इंप्रोमेंट, सिविल कल्चरल और फोरेस्ट्री प्रोडक्ट विषय में दो-दो सीटों में पीएचडी करवाने की अनुमति दे दी थी, लेकिन परिसर में पीएचडी के लिए वरिष्ठ प्रोफेसर से लेकर अन्य सुविधाएं न होने के कारण इस सत्र में प्रवेश परीक्षा नहीं करवा पाया। बावजूद परिसर शिक्षा सत्र 2020 से फोरेस्ट्री के आठ सीटों में प्रवेश परीक्षा करवाएगा। इसके लिए जनवरी में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही इससे पहले प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर अन्य सुविधाओं को जुटाएगा। यदि महाविद्यालय में आने वाले सत्र से पीएचडी शुरू करवाने में सफल रहा, तो छात्रों को अपने ही परिसर में यह सुविधा मिल सकेगी।
विवि ने परिसर में फोरेस्ट्री के चार विषयों में आठ सीटों पर पीएचडी करवाने की अनुमति दी है। व्यवस्थाएं न जुट पाने के कारण इस सत्र के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं हो पाई है। अगले सत्र में पीएचडी की प्रवेश परीक्षा करवाकर कक्षाएं शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
-डा. एसके गुप्ता, डीन वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी।
वर्ष 2011-12 में अस्तित्व में आए औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के वानिकी महाविद्यालय परिसर रानीचौरी में अभी तक बीएससी और एमएससी की कक्षाएं संचालित होती आ रही है, लेकिन पीएचडी की उपाधि लेने के इच्छुक छात्रों के लिए परिसर में पीएचडी की सुविधा नही थी। जिससे छात्र-छात्राओं को अन्यत्र पीएचडी को जाना पड़ता था, जिसको देखते हुए नवंबर में 2018 में हुई विवि की एकेडमिक काउंसिल ने परिसर में वानिकी के एग्री फोरेस्ट्री, ट्री इंप्रोमेंट, सिविल कल्चरल और फोरेस्ट्री प्रोडक्ट विषय में दो-दो सीटों में पीएचडी करवाने की अनुमति दे दी थी, लेकिन परिसर में पीएचडी के लिए वरिष्ठ प्रोफेसर से लेकर अन्य सुविधाएं न होने के कारण इस सत्र में प्रवेश परीक्षा नहीं करवा पाया। बावजूद परिसर शिक्षा सत्र 2020 से फोरेस्ट्री के आठ सीटों में प्रवेश परीक्षा करवाएगा। इसके लिए जनवरी में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही इससे पहले प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर अन्य सुविधाओं को जुटाएगा। यदि महाविद्यालय में आने वाले सत्र से पीएचडी शुरू करवाने में सफल रहा, तो छात्रों को अपने ही परिसर में यह सुविधा मिल सकेगी।
विज्ञापन
विवि ने परिसर में फोरेस्ट्री के चार विषयों में आठ सीटों पर पीएचडी करवाने की अनुमति दी है। व्यवस्थाएं न जुट पाने के कारण इस सत्र के लिए प्रवेश परीक्षा नहीं हो पाई है। अगले सत्र में पीएचडी की प्रवेश परीक्षा करवाकर कक्षाएं शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
-डा. एसके गुप्ता, डीन वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी।