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बजट के अभाव में लटका 10 कालेजों का निर्माण
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नई टिहरी। जिले के 10 राजकीय इंटर कालेजों पर सरकार की लापरवाही भारी पड़ रही है। इंटर कालेजों के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने के लिए दो साल से बजट नहीं मिला है। इसका खामियाजा छात्रों को उठाना पड़ रहा है।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2015 और 2016 में भवन विहीन राजकीय इंटर कालेज गरवाणगांव, गालूडधार, मिश्रवाणगांव, कोपड़धार, मठियाली, बौंठ, देवताधार ओण, नागणी, किरेथ केमर के भवन निर्माण हेतु सात करोड़ 25 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। सरकार ने इस दौरान भवनों के निर्माण हेतु पहली किश्त के रूप में चार करोड़ 37 लाख 72 हजार रुपये की धनराशि उत्तराखंड पेयजल संसाधन एवं निर्माण निगम चंबा को दी थी। पेयजल निगम ने मिली धनराशि से स्कूलों के भवनों का निर्माण शुरू करवाया था, लेकिन राज्य में सरकार बदलने के बाद स्कूलों के निर्माण को पूरा करवाने के लिए दूसरी किश्त के रूप में दो करोड़ 87 लाख 38 हजार नहीं मिल पाए हैं, जिससे निर्माणाधीन सभी 10 इंटर कालेजों के भवन अधूरे पड़े हैं। पेयजल निर्माण के सहायक अभियंता संजय यादव का कहना है कि जिले के 10 इंटर कालेजों के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने के लिए दूसरी किश्त शासन से नहीं मिल पाई है। जिसके चलते भवनों का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। बजट मिलने पर ही कार्य पूरे किए जाएंगे।
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पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2015 और 2016 में भवन विहीन राजकीय इंटर कालेज गरवाणगांव, गालूडधार, मिश्रवाणगांव, कोपड़धार, मठियाली, बौंठ, देवताधार ओण, नागणी, किरेथ केमर के भवन निर्माण हेतु सात करोड़ 25 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। सरकार ने इस दौरान भवनों के निर्माण हेतु पहली किश्त के रूप में चार करोड़ 37 लाख 72 हजार रुपये की धनराशि उत्तराखंड पेयजल संसाधन एवं निर्माण निगम चंबा को दी थी। पेयजल निगम ने मिली धनराशि से स्कूलों के भवनों का निर्माण शुरू करवाया था, लेकिन राज्य में सरकार बदलने के बाद स्कूलों के निर्माण को पूरा करवाने के लिए दूसरी किश्त के रूप में दो करोड़ 87 लाख 38 हजार नहीं मिल पाए हैं, जिससे निर्माणाधीन सभी 10 इंटर कालेजों के भवन अधूरे पड़े हैं। पेयजल निर्माण के सहायक अभियंता संजय यादव का कहना है कि जिले के 10 इंटर कालेजों के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने के लिए दूसरी किश्त शासन से नहीं मिल पाई है। जिसके चलते भवनों का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। बजट मिलने पर ही कार्य पूरे किए जाएंगे।
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