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लक्ष्मण शक्ति और कुंभकरण, मेघनाथ वध का मंचन
Updated Wed, 05 Dec 2018 10:20 PM IST
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नरेंद्रनगर (टिहरी)। नगर में आयोजित रामलीला के नवें दिन लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण, मेघनाथ वध और सुलोचना के सती होने का शानदार मंचन किया गया।
लीला में मेघनाथ के प्रहार से मूर्छा खाए लक्ष्मण के वियोग में भगवान राम का विलाप कर भावुक होते हैं। सुषैन वैद्य हिमालय में मिलने वाली संजीवनी बूटी लाने को कहते हैं। राम भक्त हनुमान वायु की बेग की रफ्तार से हिमालय पर पहुंचते हैं, लेकिन संजीवनी पहचानने में शंका होने पर पूरे पर्वत उठा लाते हैं। संजीवनी का सेवन करने लक्ष्मण मुर्छा से बाहर आकर युद्ध में मेघनाथ और कुंभकरण का वध कर देते हैं। पति मेघनाथ की मौत पर उनकी पत्नी सुलोचना सती हो जाती है। इस मौके पर लीला समिति के अध्यक्ष सूरत थपलियाल, पालिका अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम पंवार, पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेंद्र राणा, राजवीर पुंडीर, महेश गुसाईं, सुरेंद्र थपलियाल, जयपाल नेगी, मनवीर नेगी, आशा टम्टा, बसंती नेगी आदि मौजूद थे।
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लीला में मेघनाथ के प्रहार से मूर्छा खाए लक्ष्मण के वियोग में भगवान राम का विलाप कर भावुक होते हैं। सुषैन वैद्य हिमालय में मिलने वाली संजीवनी बूटी लाने को कहते हैं। राम भक्त हनुमान वायु की बेग की रफ्तार से हिमालय पर पहुंचते हैं, लेकिन संजीवनी पहचानने में शंका होने पर पूरे पर्वत उठा लाते हैं। संजीवनी का सेवन करने लक्ष्मण मुर्छा से बाहर आकर युद्ध में मेघनाथ और कुंभकरण का वध कर देते हैं। पति मेघनाथ की मौत पर उनकी पत्नी सुलोचना सती हो जाती है। इस मौके पर लीला समिति के अध्यक्ष सूरत थपलियाल, पालिका अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम पंवार, पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेंद्र राणा, राजवीर पुंडीर, महेश गुसाईं, सुरेंद्र थपलियाल, जयपाल नेगी, मनवीर नेगी, आशा टम्टा, बसंती नेगी आदि मौजूद थे।