{"_id":"5be4710cbdec2269b262f047","slug":"15416977593-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोनिका मशरूम कर सात लोगों को दे रही रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोनिका मशरूम कर सात लोगों को दे रही रोजगार
Updated Thu, 08 Nov 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
नई टिहरी। मल्टी नेशनल कंपनी में इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़कर मशरूम के क्षेत्र में स्वरोजगार कर रही मोनिका पंवार ने नई मिसाल पेश की है। मोनिका उन युवाओं को आइना दिखा रही है, जो डिग्री, डिप्लोमा करने के बाद नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। वह मशरूम उत्पादन से प्रत्येक माह 90 हजार से एक लाख रुपये कमा कर पांच लोगों को अपने साथ रोजगार दे रही है।
चंबा निवासी मोनिका पंवार (23) पुत्री शक्ति सिंह पंवार ने इंजीनियरिंग कालेज आफ रुड़की से बीटेक कर एक साल नोएडा और एक साल देहरादून में मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी की। इस दौरान उन्हें 35 से 40 हजार रुपये प्रति माह मिल रहा था, लेकिन मोनिका छात्र जीवन से ही कृषि के क्षेत्र में बिजनेस में हाथ अजमाना चाहती थी। इसके चलते मोनिका ने नौकरी छोड़कर अपने घर की ओर रुख किया। उन्होंने चंबा के 12 किमी दूर नागणी में 23 सौ वर्गमीटर एक कमरे में अप्रैल से डिंगरी मशरूम उत्पादन शुरू किया। शुरूआती दौर में कुछ दिक्कतें भी आई, लेकिन मोनिका ने तकनीकियों का सहारा लेकर बाधाओं को दूर किया। वर्तमान में प्रत्येक माह सात से आठ क्विंटल मशरूम उत्पादन कर रही हैं। पांच महिलाओं को भी मोनिका ने अपने साथ रोजगार दिया है, जिन्हें पांच हजार रुपये प्रत्येक माह मानदेय दे रही है। साथ ही अपने आप भी 90 हजार से लेकर एक लाख रुपये महीना मुनाफा कमा रही है। उन्होंने जिस कक्ष में प्लांट लगाया है, इसके अंदर ऑटोमैटिक कंट्रोल भी लगाया है। जिससे कमरे के तापमान की जानकारी मिलती है। मोनिका ने बताया कि वह 200 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से मशरूम बेच रहीं हैं। बताया कि वह चंबा, नई टिहरी, चिन्यालीसौड़ आदि क्षेत्रों में फोन पर आर्डर लेकर स्वयं वाहन से डिलीवरी करती है। इस दौरान दो लोगों को अपने साथ लेकर जाती हैं, जिन्हें 15-15 सौ रुपये देतीं हैं। अब मशरूम का अचार, पाउडर, चटनी, मेडिसन बनाने और उत्पादन एक टन तक बढ़ाने की तैयारी में है।
अपने क्षेत्र में रहकर ही कृषि और तकनीकी को मिलाकर स्वरोजगार के क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा से ही इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ी है। मशरूम उत्पादन में स्वयं के साथ ही अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में मशरूम उत्पादन को विस्तार कर चटनी, पावडर, चटनी, मेडिसन बनाया जाएगा।
विज्ञापन
-मोनिका पंवार, मशरूम उत्पादक।
मैने स्वयं मोनिका के मशरूम उत्पादन प्लांट को देखा था। मोनिका ने मशरूम उत्पादन में बेहतर काम कर स्वरोजगार के लिए प्रेरणा बनी हुई है। आसपास के गांव की महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को भी मोनिका से जोड़कर मशरूम उत्पादन करवाया जाएगा।
-आशीष भटगांई, सीडीओ टिहरी।
विज्ञापन
चंबा निवासी मोनिका पंवार (23) पुत्री शक्ति सिंह पंवार ने इंजीनियरिंग कालेज आफ रुड़की से बीटेक कर एक साल नोएडा और एक साल देहरादून में मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी की। इस दौरान उन्हें 35 से 40 हजार रुपये प्रति माह मिल रहा था, लेकिन मोनिका छात्र जीवन से ही कृषि के क्षेत्र में बिजनेस में हाथ अजमाना चाहती थी। इसके चलते मोनिका ने नौकरी छोड़कर अपने घर की ओर रुख किया। उन्होंने चंबा के 12 किमी दूर नागणी में 23 सौ वर्गमीटर एक कमरे में अप्रैल से डिंगरी मशरूम उत्पादन शुरू किया। शुरूआती दौर में कुछ दिक्कतें भी आई, लेकिन मोनिका ने तकनीकियों का सहारा लेकर बाधाओं को दूर किया। वर्तमान में प्रत्येक माह सात से आठ क्विंटल मशरूम उत्पादन कर रही हैं। पांच महिलाओं को भी मोनिका ने अपने साथ रोजगार दिया है, जिन्हें पांच हजार रुपये प्रत्येक माह मानदेय दे रही है। साथ ही अपने आप भी 90 हजार से लेकर एक लाख रुपये महीना मुनाफा कमा रही है। उन्होंने जिस कक्ष में प्लांट लगाया है, इसके अंदर ऑटोमैटिक कंट्रोल भी लगाया है। जिससे कमरे के तापमान की जानकारी मिलती है। मोनिका ने बताया कि वह 200 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से मशरूम बेच रहीं हैं। बताया कि वह चंबा, नई टिहरी, चिन्यालीसौड़ आदि क्षेत्रों में फोन पर आर्डर लेकर स्वयं वाहन से डिलीवरी करती है। इस दौरान दो लोगों को अपने साथ लेकर जाती हैं, जिन्हें 15-15 सौ रुपये देतीं हैं। अब मशरूम का अचार, पाउडर, चटनी, मेडिसन बनाने और उत्पादन एक टन तक बढ़ाने की तैयारी में है।
विज्ञापन
अपने क्षेत्र में रहकर ही कृषि और तकनीकी को मिलाकर स्वरोजगार के क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा से ही इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ी है। मशरूम उत्पादन में स्वयं के साथ ही अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले दिनों में मशरूम उत्पादन को विस्तार कर चटनी, पावडर, चटनी, मेडिसन बनाया जाएगा।
विज्ञापन
-मोनिका पंवार, मशरूम उत्पादक।
मैने स्वयं मोनिका के मशरूम उत्पादन प्लांट को देखा था। मोनिका ने मशरूम उत्पादन में बेहतर काम कर स्वरोजगार के लिए प्रेरणा बनी हुई है। आसपास के गांव की महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को भी मोनिका से जोड़कर मशरूम उत्पादन करवाया जाएगा।
-आशीष भटगांई, सीडीओ टिहरी।