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संविधान प्रदत मूल अधिकारों की जानकारी होनी जरूरी
Updated Tue, 30 Oct 2018 10:00 PM IST
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चंबा (टिहरी)। एसआरटी परिसर बादशाहीथौल में मंगलवार को मानवाधिकार विषय पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और विधि विभाग की पहल पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि संविधान प्रदत्त मूल अधिकारों की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति को होना आवश्यक है। तभी समाज में शोषण रुक सकता है।
प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत, परिसर निदेशक प्रो. आरसी रमोला ने किया। एसएसपी ने कहा कि मानवाधिकार की हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है। यदि हमें अपने मानवाधिकारों की जानकारी होगी, तो कोई भी व्यक्ति हमारा शोषण नहीं कर पाएगा। मुख्य वक्ता पंजाब केंद्रीय विवि के डा. पुनीत पाठक ने महिला और बाल अधिकारों की जानकारी दी। कहा कि समाज में आए दिन महिलाओं और बच्चों का शोषण तथा हिंसा की घटनाएं हो रही है। यदि महिलाओं और बच्चों को संविधान प्रदत्त मूल अधिकारों की जानकारी होगी, तो समाज में महिला व बच्चों के साथ होने वाली घटनाएं भी कम होंगी। पैट्रोलियम विवि देहरादून के डा. राधेश्याम प्रसाद ने बालश्रम और समाज के कमजोर व निर्बल वर्ग के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज के ऐसे वर्ग को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं होती है और जिससे समाज के उच्च वर्ग द्वारा उनका शोषण किया जाता है।
इस मौके पर विधि विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एके पांडेय, डा. एमएमएस नेगी, डा. एसके चतुर्वेदी, प्रो. बीके अग्रवाल, प्रो. प्रभा पंत, प्रो. पीडी सेमल्टी, प्रो. डीएस कैंतुरा, प्रो. बीएस बिष्ट, डा. आरडी सिंह, डा. विशाल गुलेरिया, डा. आलोक कुमार, राकेश कोठारी, डा. पित्रेश प्रसाद भट्ट, डा. मीता अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
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प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत, परिसर निदेशक प्रो. आरसी रमोला ने किया। एसएसपी ने कहा कि मानवाधिकार की हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है। यदि हमें अपने मानवाधिकारों की जानकारी होगी, तो कोई भी व्यक्ति हमारा शोषण नहीं कर पाएगा। मुख्य वक्ता पंजाब केंद्रीय विवि के डा. पुनीत पाठक ने महिला और बाल अधिकारों की जानकारी दी। कहा कि समाज में आए दिन महिलाओं और बच्चों का शोषण तथा हिंसा की घटनाएं हो रही है। यदि महिलाओं और बच्चों को संविधान प्रदत्त मूल अधिकारों की जानकारी होगी, तो समाज में महिला व बच्चों के साथ होने वाली घटनाएं भी कम होंगी। पैट्रोलियम विवि देहरादून के डा. राधेश्याम प्रसाद ने बालश्रम और समाज के कमजोर व निर्बल वर्ग के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज के ऐसे वर्ग को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं होती है और जिससे समाज के उच्च वर्ग द्वारा उनका शोषण किया जाता है।
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इस मौके पर विधि विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एके पांडेय, डा. एमएमएस नेगी, डा. एसके चतुर्वेदी, प्रो. बीके अग्रवाल, प्रो. प्रभा पंत, प्रो. पीडी सेमल्टी, प्रो. डीएस कैंतुरा, प्रो. बीएस बिष्ट, डा. आरडी सिंह, डा. विशाल गुलेरिया, डा. आलोक कुमार, राकेश कोठारी, डा. पित्रेश प्रसाद भट्ट, डा. मीता अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
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