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दिव्यांग बच्चों के साथ मुफलिसी का जीवन जी रही महिला
Updated Sun, 28 Oct 2018 10:09 PM IST
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नई टिहरी। जाखणीधार ब्लॉक के ग्राम पंचायत चाह गडोलिया में रेंगली गांव की मथुरा देवी अपने तीन विकलांग बच्चों के साथ मुफलिसी में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। गरीबों के लिए कई सरकारी योजनाएं संचालित होने के बावजूद जानकारी के अभाव में उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पाया है।
वर्ष 2004 में पति का साया उठने के बाद मथुरा देवी के कंधों पर चार बेटी और दो बेटों के पालन-पोषण का भार आ गया था। ग्रामीणों के सहयोग से किसी तरह तीन बेटियों के हाथ पीले कर दिए, लेकिन अब मानसिक रूप से कमजोर बेटी, दिव्यांग दो बेटों का इलाज नहीं हो पा रहा है। आय का कोई साधन नहीं होने से महिला मजदूरी कर किसी तरह बच्चों का भरण-पोषण कर रही है। शिक्षक अरविंद सिंह रावत ने बताया कि पुस्तैनी मकान भी जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। सरकार और कोई स्वयंसेवी संगठन मदद को आगे आता है, तो उनका बच्चों का इलाज कराया जा सकता है। बीडीओ विजेंद्र लाल रिंगोड़ी का कहना है कि रेंगली गांव में ऐसे किसी परिवार की सूचना नहीं है। गांव में वीडीओ को भेजकर जांच कराई जाएगी। अगर वह पात्र हैं, तो उनका आवास का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके अलावा किसी एनजीओ के माध्यम से मदद देने के प्रयास किया जाएगा।
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वर्ष 2004 में पति का साया उठने के बाद मथुरा देवी के कंधों पर चार बेटी और दो बेटों के पालन-पोषण का भार आ गया था। ग्रामीणों के सहयोग से किसी तरह तीन बेटियों के हाथ पीले कर दिए, लेकिन अब मानसिक रूप से कमजोर बेटी, दिव्यांग दो बेटों का इलाज नहीं हो पा रहा है। आय का कोई साधन नहीं होने से महिला मजदूरी कर किसी तरह बच्चों का भरण-पोषण कर रही है। शिक्षक अरविंद सिंह रावत ने बताया कि पुस्तैनी मकान भी जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। सरकार और कोई स्वयंसेवी संगठन मदद को आगे आता है, तो उनका बच्चों का इलाज कराया जा सकता है। बीडीओ विजेंद्र लाल रिंगोड़ी का कहना है कि रेंगली गांव में ऐसे किसी परिवार की सूचना नहीं है। गांव में वीडीओ को भेजकर जांच कराई जाएगी। अगर वह पात्र हैं, तो उनका आवास का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके अलावा किसी एनजीओ के माध्यम से मदद देने के प्रयास किया जाएगा।
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