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कल्पना और रोहित के गीतों ने बांधा समा
Updated Sat, 27 Oct 2018 10:33 PM IST
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नई टिहरी। एचएनबी गढ़वाल विवि के एसआरटी परिसर में भूगर्भ विज्ञान की पहल पर आयोजित जलवायु परिवर्तन और आपदा न्यूनीकरण संगोष्ठी की पहली सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध लोकगायिका कल्पना चौहान और मास्टर रोहित चौहान ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रोहित ने ‘मेरा पितरों की बसांई टीरी पाणी जुगता ह्वै’ और कल्पना ने ‘सर्ग तारा जुन्याली रात’ की प्रस्तुति पर खूब वाहवाही लूटी।
शुक्रवार रात्रि को आयोजित सांस्कृतिक संध्या का परिसर के निदेशक प्रो. आरसी रमोला और श्रीदेव सुमन विवि के कुलसचिव डा. दीपक भट्ट ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संध्या का मुख्य उद्देश्य संगोष्ठी में आए देश-विदेश के वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को उत्तराखंड की संस्कृति से अवगत कराना है। लोक गायिका कल्पना चौहान ने ‘दैणा ह्वै खोली का गणेशा’ से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने अपने प्रमुख गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कल्पना ने ‘सासू काटती घास-ब्वारी बैठीं घर’, ‘गोरी मुखणी साजली’, ‘चांदी का बटण’ और उभरते गायक रोहित चौहान ने ‘मेरी माजी, ‘पाणी मां रिंगणी’ जैसे गीतों की प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने पुरानी टिहरी की स्मृति में गाए गीत पर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इस मौके पर डा. आरबीएस गोदियाल, डा. पीसी पैन्यूली, डा. एनपी नैथानी, डा. केके बंगवाल, हंसराज बिष्ट, आनंद सिंह बेलवाल, डा. एलआर डंगवाल, डा. कुलदीप सिंह, डा. प्रमोद उनियाल व डा. सुमन गुसाईं आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार रात्रि को आयोजित सांस्कृतिक संध्या का परिसर के निदेशक प्रो. आरसी रमोला और श्रीदेव सुमन विवि के कुलसचिव डा. दीपक भट्ट ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संध्या का मुख्य उद्देश्य संगोष्ठी में आए देश-विदेश के वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को उत्तराखंड की संस्कृति से अवगत कराना है। लोक गायिका कल्पना चौहान ने ‘दैणा ह्वै खोली का गणेशा’ से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने अपने प्रमुख गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कल्पना ने ‘सासू काटती घास-ब्वारी बैठीं घर’, ‘गोरी मुखणी साजली’, ‘चांदी का बटण’ और उभरते गायक रोहित चौहान ने ‘मेरी माजी, ‘पाणी मां रिंगणी’ जैसे गीतों की प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने पुरानी टिहरी की स्मृति में गाए गीत पर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इस मौके पर डा. आरबीएस गोदियाल, डा. पीसी पैन्यूली, डा. एनपी नैथानी, डा. केके बंगवाल, हंसराज बिष्ट, आनंद सिंह बेलवाल, डा. एलआर डंगवाल, डा. कुलदीप सिंह, डा. प्रमोद उनियाल व डा. सुमन गुसाईं आदि मौजूद रहे।
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