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पुल के अभाव में अधूरा रह गया सड़क का सपना
Updated Fri, 19 Oct 2018 10:21 PM IST
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नई टिहरी। भिलंगना ब्लॉक के समणगांव में निवासरत 320 परिवारों पर पीएमजीएसवाई की लापरवाही भारी पड़ रही है। चार करोड़ 33 लाख की लागत से पीएमजीएसवाई ने धोपड़धार से समणगांव तक छह किमी सड़क निर्माण तो पूरा कर दिया है, लेकिन धोपडधार के नीच भिलंगना नदी पर पुल निर्माण नहीं हो पाया है। इससे समणगांव के लोगों को सड़क निर्माण का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। समणगांव के लोगों के सामने अब भी पांच किमी पैदल दूरी तय करने की मजबूरी बनी हुई है।
समणगांव के लोगों के लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में धोपड़धार से समणगांव तक सड़क निर्माण की स्वीकृति दी थी। चार करोड़ 33 लाख की लागत से बनने वाली सड़क का निर्माण कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई ने अक्तूबर 2015 में शुरू कर दिया था। तीन साल बाद जैसे-तैसे प्रथम चरण में छह किमी सड़क निर्माण पूरा कर लिया गया है, लेकिन भिलंगना नदी पर पुल नहीं होने से धोपड़धार-समणगांव मोटर मार्ग पर वाहनों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है, जिससे ग्रामीणों को पांच किमी पैदल चलना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी धर्म सिंह रावत, जगदीश रावत, वीर सिंह ने सड़क निर्माण के औचित्य पर सवाल उठाए है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण शुरू करने से पहले पुल बनाना जरूरी है। धोपड़धार के नीचे जब तक भिलंगना नदी पर पुल निर्माण नहीं हो जाता है, तब तक सड़क का स्थानीय लोगों को कोई लाभ मिलने वाला नहीं है।
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केंद्र सरकार से प्रथम चरण में धोपड़धार से समणगांव तक सिर्फ सड़क निर्माण करने की स्वीकृति मिली थी, जिसे पूरा कर लिया गया है। भिलंगना नदी पर पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है।
-संजय श्रीवास्तव, ईई, पीएमजीएसवाई टिहरी
समणगांव के लोगों के लंबे संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में धोपड़धार से समणगांव तक सड़क निर्माण की स्वीकृति दी थी। चार करोड़ 33 लाख की लागत से बनने वाली सड़क का निर्माण कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई ने अक्तूबर 2015 में शुरू कर दिया था। तीन साल बाद जैसे-तैसे प्रथम चरण में छह किमी सड़क निर्माण पूरा कर लिया गया है, लेकिन भिलंगना नदी पर पुल नहीं होने से धोपड़धार-समणगांव मोटर मार्ग पर वाहनों का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है, जिससे ग्रामीणों को पांच किमी पैदल चलना पड़ रहा है।
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स्थानीय निवासी धर्म सिंह रावत, जगदीश रावत, वीर सिंह ने सड़क निर्माण के औचित्य पर सवाल उठाए है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण शुरू करने से पहले पुल बनाना जरूरी है। धोपड़धार के नीचे जब तक भिलंगना नदी पर पुल निर्माण नहीं हो जाता है, तब तक सड़क का स्थानीय लोगों को कोई लाभ मिलने वाला नहीं है।
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केंद्र सरकार से प्रथम चरण में धोपड़धार से समणगांव तक सिर्फ सड़क निर्माण करने की स्वीकृति मिली थी, जिसे पूरा कर लिया गया है। भिलंगना नदी पर पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है।
-संजय श्रीवास्तव, ईई, पीएमजीएसवाई टिहरी