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रोठिया में बनेगा भूस्खलन प्रभावितों का नया आशियाना
Updated Mon, 24 Sep 2018 09:52 PM IST
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नई टिहरी। भूस्खलन प्रभावित त्यालनी (खलवाडा) गांव के लोगों का नया आशियाना अब रोठिया में बनेगा। भूस्खलन से प्रभावित 20 परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार ने हरी झंडी दे दी है। प्रत्येक परिवार को आवासीय भवन, गोशाला निर्माण और विस्थापन भत्ता के लिए चार लाख 25 हजार की धनराशि मिलेगी। राज मिस्त्री रोठिया में भूस्खलन प्रभावितों के लिए भूकंपरोधी आवासीय भवनों का निर्माण करेंगे। भवनों का निर्माण करने के लिए प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन को 85 लाख की धनराशि जारी कर दी है।
देवप्रयाग विकास खंड के त्यालनी गांव के (खलवाडा) तोक में पिछले आठ वर्षों से भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन की ओर से कराए गए भूगर्भीय सर्वे में विशेषज्ञों ने खलवाडा तोक को खतरा बताते हुए पुनर्वास करने की संस्तुति की थी। देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने बीते अगस्त में सीएम और मुख्य सचिव को त्यालनी (खलवाडा) गांव की समस्या बताई। सीएम के निर्देश पर जिला प्रशासन ने 20 परिवारों के पुनर्वास के लिए गांव से 250 मीटर दूर रोठिया तोक का प्रस्ताव तैयार किया। प्रभावित परिवारों का नया आशियाना बसाने के लिए रोठिया में ग्राम पंचायत की 60 नाली भूमि चिह्नित की गई हे। सचिव अमित नेगी की ओर से चार सितंबर को जारी शासनादेश में त्यालनी (खलवाडा) के पुनर्वास के लिए हरी झंडी दे दी गई है। डीएम टिहरी को जारी पत्र में सचिव ने बताया कि प्रत्येक परिवार को भवन निर्माण के लिए चार लाख, गोशाला के लिए 15 हजार और पुनर्वास भत्ता 10 हजार निर्गत किया जाए। प्रधान केदार सिंह बिष्ट का कहना है कि खलवाडा तोक के भूस्खलन प्रभावितों का गांव के समीप ही पुनर्वास होने से पलायन थमेगा। प्रभावित परिवार आठ सालों से पुनर्वास के लिए संघर्ष करते आ रहे थे। सरकार की पहल सराहनीय है।
त्यालनी (खलवाडा) गांव के भूस्खलन प्रभावितों के लिए गांव के लोगों की सहमति के आधार पर ही रोठिया में भूमि चिह्नित की गई है। प्रभावितों की ओर से भवन निर्माण शुरू करने पर देवप्रयाग तहसील के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।
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-शिव चरण द्विवेदी, एडीएम टिहरी
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देवप्रयाग विकास खंड के त्यालनी गांव के (खलवाडा) तोक में पिछले आठ वर्षों से भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन की ओर से कराए गए भूगर्भीय सर्वे में विशेषज्ञों ने खलवाडा तोक को खतरा बताते हुए पुनर्वास करने की संस्तुति की थी। देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने बीते अगस्त में सीएम और मुख्य सचिव को त्यालनी (खलवाडा) गांव की समस्या बताई। सीएम के निर्देश पर जिला प्रशासन ने 20 परिवारों के पुनर्वास के लिए गांव से 250 मीटर दूर रोठिया तोक का प्रस्ताव तैयार किया। प्रभावित परिवारों का नया आशियाना बसाने के लिए रोठिया में ग्राम पंचायत की 60 नाली भूमि चिह्नित की गई हे। सचिव अमित नेगी की ओर से चार सितंबर को जारी शासनादेश में त्यालनी (खलवाडा) के पुनर्वास के लिए हरी झंडी दे दी गई है। डीएम टिहरी को जारी पत्र में सचिव ने बताया कि प्रत्येक परिवार को भवन निर्माण के लिए चार लाख, गोशाला के लिए 15 हजार और पुनर्वास भत्ता 10 हजार निर्गत किया जाए। प्रधान केदार सिंह बिष्ट का कहना है कि खलवाडा तोक के भूस्खलन प्रभावितों का गांव के समीप ही पुनर्वास होने से पलायन थमेगा। प्रभावित परिवार आठ सालों से पुनर्वास के लिए संघर्ष करते आ रहे थे। सरकार की पहल सराहनीय है।
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त्यालनी (खलवाडा) गांव के भूस्खलन प्रभावितों के लिए गांव के लोगों की सहमति के आधार पर ही रोठिया में भूमि चिह्नित की गई है। प्रभावितों की ओर से भवन निर्माण शुरू करने पर देवप्रयाग तहसील के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।
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-शिव चरण द्विवेदी, एडीएम टिहरी