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आइएचईटी को तकनीकी शिक्षा के सुधार में मिला पहला स्थान
Updated Sat, 15 Sep 2018 09:52 AM IST
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नई टिहरी। टीएचडीसी हाइड्रो पावर इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान भागीरथीपुरम को तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार मूल्यांकन में राज्य में पहला स्थान मिला है। विश्व बैंक और एमएचआरडी द्वारा अगस्त में किए गए मूल्यांकन में संस्थान खरा उतरा है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्व बैंक, तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के विकास को आर्थिक मदद देता रहता है। इसके लिए वर्ष 2004 से दोनों ने मिलकर तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम शुरू किया था, जिसके तहत संस्थानों का मूल्यांकन किया जाता है। मूल्यांकन में क्लास को स्मार्ट क्लास बनाने, लाइब्रेरी बेहतर करने, कैंपस को वाई- फाई से जोड़ने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को ट्रेनिंग, लैब के नए-नए उपकरण, स्कॉलरशिप, गेट, पीएचडी करवाने में मदद समेत 16 बिंदुओं को शामिल किया गया है। इससे पहले हुए दो चरण के मूल्यांकन में हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज का चयन नहीं हो पाया था, लेकिन तीसरे चरण के मूल्यांकन में संस्थान ने बाजी मारी है। वर्तमान में विश्व बैंक ने संस्थान को बेहतर बनाने के लिए तीन साल के लिए 10 करोड़ की मदद दी है, लेकिन अब एमएचआरडी और विश्व बैंक की नजर में अपनी जगह बनाकर पहले पायदान पर पहुंचे कालेज को पांच करोड़ की और मदद मिल सकती है।
इनका कहना है-
एमएचआरडी और विश्व बैंक के तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार कार्य के तहत हुए मूल्यांकन में संस्थान को प्रथम स्थान हासिल हुआ है। कालेज को बेहतर बनाने को निरंतर प्रयास जारी है।
-प्रो. जीएस तोमर, निदेशक टीएचडीसी आईएचईटी भागीरथीपुरम।
इनका कहना है-
एमएचआरडी और विश्व बैंक के तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार कार्य के तहत हुए मूल्यांकन में संस्थान को प्रथम स्थान हासिल हुआ है। कालेज को बेहतर बनाने को निरंतर प्रयास जारी है।
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-प्रो. जीएस तोमर, निदेशक टीएचडीसी आईएचईटी भागीरथीपुरम।