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बुखार की दवाई देने तक सीमित रह गए पांच डॉक्टर
Updated Wed, 22 Aug 2018 10:41 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती तो कर दी गई है, लेकिन संसाधनों के अभाव में डॉक्टर सिर्फ रोगियों को बुखार की दवाई देेने तक ही सीमित रह गए। अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती महिलाओं को 60 किमी दूर चंबा या नई टिहरी जाना पड़ रहा है।
चार करोड़ की लागत से वर्ष 2004-5 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ का निर्माण किया गया था। वर्ष 2014-15 में अस्पताल का उच्चीकरण कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया। लेकिन सुविधाओं का विस्तार नहीं किया गया। चार माह पूर्व अस्पताल में पांच डॉक्टरों की तैनाती भी कर दी गई है, लेकिन एक्सरे तकनीशियन की तैनाती न होने पर लाखों की एक्सरे मशीन बंद कमरे में धूल फांक रही है। अस्पताल में डेंटल सर्जन भी तैनात हैं, लेकिन डेंटल यूनियन में संसाधनों के नाम पर एक कैची तक उपलब्ध नहीं है। ब्लड बैंक नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराने नई टिहरी या उत्तरकाशी रेफर कर दिया जाता है।
लचर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में अस्पताल में पांच डॉक्टरों की तैनाती होेने के बावजूद ओपीडी 40 से अधिक नहीं बढ़ पा रही है। देवचंद पुरुसोड़ा, शैला गुसाईं, गंभीर सिंह गुसाईं, ललित खंडूड़ी, नंदन सिंह गुसाईं, लाखीराम उनियाल का कहना है कि सरकारी कागजों में भले ही अस्पताल को सीएससी का दर्जा मिल चुका है, लेकिन सुविधाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी भी नहीं है।
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कोट
डेंटल यूनियन में संसाधन उपलब्ध कराने और एक्सरे तकनीशियन की नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर क्षेत्र की जनता को एक्सरे की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
-डा. धर्मेंद्र उनियाल, प्रभारी सीएससी कंडीसौड़
चार करोड़ की लागत से वर्ष 2004-5 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ का निर्माण किया गया था। वर्ष 2014-15 में अस्पताल का उच्चीकरण कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया। लेकिन सुविधाओं का विस्तार नहीं किया गया। चार माह पूर्व अस्पताल में पांच डॉक्टरों की तैनाती भी कर दी गई है, लेकिन एक्सरे तकनीशियन की तैनाती न होने पर लाखों की एक्सरे मशीन बंद कमरे में धूल फांक रही है। अस्पताल में डेंटल सर्जन भी तैनात हैं, लेकिन डेंटल यूनियन में संसाधनों के नाम पर एक कैची तक उपलब्ध नहीं है। ब्लड बैंक नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव कराने नई टिहरी या उत्तरकाशी रेफर कर दिया जाता है।
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लचर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में अस्पताल में पांच डॉक्टरों की तैनाती होेने के बावजूद ओपीडी 40 से अधिक नहीं बढ़ पा रही है। देवचंद पुरुसोड़ा, शैला गुसाईं, गंभीर सिंह गुसाईं, ललित खंडूड़ी, नंदन सिंह गुसाईं, लाखीराम उनियाल का कहना है कि सरकारी कागजों में भले ही अस्पताल को सीएससी का दर्जा मिल चुका है, लेकिन सुविधाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी भी नहीं है।
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डेंटल यूनियन में संसाधन उपलब्ध कराने और एक्सरे तकनीशियन की नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर क्षेत्र की जनता को एक्सरे की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
-डा. धर्मेंद्र उनियाल, प्रभारी सीएससी कंडीसौड़