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टीएचडीसी पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:48 PM IST
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नई टिहरी। भागीरथीपुरम में टीएचडीसी के ऑफिस कांप्लेक्स के समीप ग्राम पंचायत बागी की जमीन पर ग्रामीणों ने टीएचडीसी पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने डीएम को दिए ज्ञापन में ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण रोकने की मांग की है।
ग्राम पंचायत बागी के ग्रामीणों ने बताया कि टीएचडीसी गांव की खाली पड़ी जमीन गौचरान और रास्तों पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कर रहा है। इससे उनके पनघट और गौचरान के रास्ते भी बाधित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1989 में ग्राम बागी मल्ली को भानियावाला में प्लाट आवंटित किए गए थे, लेकिन ग्रामीणों को कोई सूचना दिए बगैर वर्ष 2004 में प्लाट निरस्त कर दिए गए। उन्होंने कहा कि जो अधिग्रहित जमीन टीएचडीसी के उपयोग में नहीं लाई गई है, वह काश्तकारों को वापस की गई, जबकि जो भूमि उपयोग में लाई गई उसका भुगतान भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 15 दिन में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वहां कराए जा रहे निर्माण कार्य को बंद करा दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में प्रताप सिंह राणा, गोपाल सिंह तोपवाल, भूपेंद्र तोपवाल और मुनेंद्र भट्ट आदि शामिल थे।
ग्राम पंचायत बागी के ग्रामीणों ने बताया कि टीएचडीसी गांव की खाली पड़ी जमीन गौचरान और रास्तों पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य कर रहा है। इससे उनके पनघट और गौचरान के रास्ते भी बाधित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1989 में ग्राम बागी मल्ली को भानियावाला में प्लाट आवंटित किए गए थे, लेकिन ग्रामीणों को कोई सूचना दिए बगैर वर्ष 2004 में प्लाट निरस्त कर दिए गए। उन्होंने कहा कि जो अधिग्रहित जमीन टीएचडीसी के उपयोग में नहीं लाई गई है, वह काश्तकारों को वापस की गई, जबकि जो भूमि उपयोग में लाई गई उसका भुगतान भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 15 दिन में समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वहां कराए जा रहे निर्माण कार्य को बंद करा दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में प्रताप सिंह राणा, गोपाल सिंह तोपवाल, भूपेंद्र तोपवाल और मुनेंद्र भट्ट आदि शामिल थे।
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