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छात्रों के लिए सीबीसीएस व्यवस्था बनी समस्या

Fri, 17 Aug 2018 10:52 PM IST
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:52 PM IST
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छात्रों के लिए सीबीसीएस व्यवस्था बनी समस्या

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चंबा (टिहरी)। उच्च शिक्षा में सुधार के लिए स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) की खामियां छात्रों के लिए मुसीबत का सबब बन गई हैं। सीबीसीएस लागू हाने पर औसत अंकों के आधार पर ग्रेड तय किए जाने से छात्रों को पास या फेल होने का सही-सही पता नहीं चल पा रहा है। इस योजना के शुरू होने के बाद से परीक्षा परिणाम भी समय पर घोषित नहीं हो पा रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए छात्र नेताओं ने विवि के कुलपति से मिलकर कार्रवाई की मांग की।

शिक्षा को व्यावहारिक बनाने, छात्रों को पढ़ाई के ज्यादा विकल्प देने, रोजगारपरक शिक्षा देने और संस्थान बदलने की आजादी देने के लिए स्वामी रामतीर्थ परिसर में वर्ष 2015 में सीबीसीएस सिस्टम शुरू किया गया। यूजीसी ने इस दावे के साथ विवि में इस सिस्टम को लागू किया था कि इससे छात्रों का बेहतर भविष्य और कौशल निर्माण हो सकेगा, लेकिन अब तीन साल बाद स्नातक स्तर पर अंतिम सेमेस्टर परीक्षा देने के बाद परीक्षा परिणाम आने पर छात्रों को इस सिस्टम की खामियों से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीबीसीएस लागू होने से परेशान छात्रों ने श्रीनगर में विवि के कुलपति से मिलकर सीबीसीएस से होने वाली समस्याओं से अवगत कराया। छात्र संघ अध्यक्ष अलंकार सुमन व छात्र नेता धीरज कौशल ने बताया कि यूजीसी और विवि ने बिना संसाधनों के आधी-अधूरी तैयारियों के साथ सीबीएस पैटर्न छात्रों पर थोप दिया। इसके लागू होने के बाद भी छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक शिक्षा और रोजगारपरक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व कोषाध्यक्ष रविराज, उषा, दीपक रावत व सौरव कुमार आदि शामिल थे।
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