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बांध प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की जगी उम्मीद
Updated Mon, 13 Aug 2018 10:56 PM IST
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नई टिहरी। वर्षों से पुनर्वास के लिए टकटकी लगाए टिहरी बांध प्रभावित 415 परिवारों के पुनर्वास की उम्मीद जगने लगी है। सरकार ने बांध प्रभावितों के पुनर्वास के लिए देहरादून के दुधूपानी में चिह्नित भूमि का प्रस्ताव ऑन लाइन केंद्र सरकार को भेज दिया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही वन और पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही पुनर्वास की कार्रवाई शुरू हो सकती है।
टिहरी बांध से प्रभावित भागीरथी और भिलंगना घाटी के अलग-अलग गांवों के 415 परिवार वर्षों से पुनर्वास की बाट जोह रहे हैं, लेकिन भूमि नहीं मिलने और विवादित भूमि के कारण इनका पुनर्वास नहीं हो पाया। शासन और पुनर्वास विभाग ने देहरादून के दुधूपानी, घमंडपुर और प्रतीतनगर में प्रभावितों के पुनर्वास का निर्णय लिया था, लेकिन दुधूपानी में 65 हेक्टेयर वन भूमि का प्रस्ताव ऑन लाइन नहीं होने के कारण मामला अधर में लटका हुआ था। घमंडपुर में 18 हेक्टेयर भूमि और प्रतीतनगर की 105 एकड़ विवादित भूमि का प्रकरण एसडीएम कोर्ट में चल रहा था।
पुनर्वास निदेशक/डीएम सोनिका ने बताया कि बीते नौ अगस्त को देहरादून में प्रमुख सचिव सिंचाई आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में टीएचडीसी और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों की अहम बैठक हुई। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को दुधूपानी भूमि का प्रस्ताव ऑनलाइन केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। बताया घमंडपुर का केस पुनर्वास विभाग के पक्ष में आया है। जल्द ही प्रतीतनगर प्रकरण का केस भी हल होने की संभावना है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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टिहरी बांध से प्रभावित भागीरथी और भिलंगना घाटी के अलग-अलग गांवों के 415 परिवार वर्षों से पुनर्वास की बाट जोह रहे हैं, लेकिन भूमि नहीं मिलने और विवादित भूमि के कारण इनका पुनर्वास नहीं हो पाया। शासन और पुनर्वास विभाग ने देहरादून के दुधूपानी, घमंडपुर और प्रतीतनगर में प्रभावितों के पुनर्वास का निर्णय लिया था, लेकिन दुधूपानी में 65 हेक्टेयर वन भूमि का प्रस्ताव ऑन लाइन नहीं होने के कारण मामला अधर में लटका हुआ था। घमंडपुर में 18 हेक्टेयर भूमि और प्रतीतनगर की 105 एकड़ विवादित भूमि का प्रकरण एसडीएम कोर्ट में चल रहा था।
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पुनर्वास निदेशक/डीएम सोनिका ने बताया कि बीते नौ अगस्त को देहरादून में प्रमुख सचिव सिंचाई आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में टीएचडीसी और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों की अहम बैठक हुई। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को दुधूपानी भूमि का प्रस्ताव ऑनलाइन केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। बताया घमंडपुर का केस पुनर्वास विभाग के पक्ष में आया है। जल्द ही प्रतीतनगर प्रकरण का केस भी हल होने की संभावना है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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