{"_id":"5b6f1a6d4f1c1bf0258b460f","slug":"153400791017-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुल नहीं बनने से लंबी दूरी तय कर रहे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुल नहीं बनने से लंबी दूरी तय कर रहे ग्रामीण
Updated Sat, 11 Aug 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा (टिहरी)। नरेंद्रनगर ब्लॉक में दूरस्थ गांव पसर के बंधाण, तलाई तल्ली, पुनगड्डू और काटलनोडू में आपदा के जख्म दो साल बाद भी नहीं भर पाए हैं। आपदा से गांव की पेयजल लाइन, दो पुलिया और संपर्क मार्ग तबाह हो गए थे, लेकिन अभी तक उनकी मरम्मत नहीं हो पाई है। ऐसे में ग्रामीणों को बरसात में जंगल के रास्ते गजा बाजार पहुंचना पड़ रहा है। पसर गाड़ और पुनगड्डू गाड़ में बरसात के मौसम में पानी बढ़ने से बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाते हैं।
पसर गांव में एक जुलाई 2016 को तलाई और पुनगड्डू नामे तोक में बादल फटने से आपदा ने जमकर कहर बरपाया था। प्रधान जोत सिंह रावत ने बताया कि गांव सड़क से पांच किमी दूर होने के कारण यहां कोई अधिकारी नहीं पहुंचता है, जिससे क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों मरम्मत नहीं हो पाई है। गदेरे में पानी कम रहने पर बिजली के खंभे के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। पानी बढ़ने पर पोल हटाने पड़ते हैं और जंगल के रास्ते चार किमी अतिरिक्त पैदल चलकर गजा पहुंच रहे हैं। आपदा से बंधाण, तलाई, पुनगड्डू, ढाई गल्ला, काटलनोडू और पसर गांव के संपर्क मार्ग और पेयजल लाइनें भी ध्वस्त हो गई थी। रबड़ की पाइप लगाकर किसी तरह पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन बरसात में पाइप भी बह जाते हैं। इस बाबत तहसीलदार मंजू राजपूत ने कहा कि पसर गांव में आपदा से हुए नुकसान का मामला संज्ञान में नहीं है। गांव का स्थलीय निरीक्षण के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पसर गांव में एक जुलाई 2016 को तलाई और पुनगड्डू नामे तोक में बादल फटने से आपदा ने जमकर कहर बरपाया था। प्रधान जोत सिंह रावत ने बताया कि गांव सड़क से पांच किमी दूर होने के कारण यहां कोई अधिकारी नहीं पहुंचता है, जिससे क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों मरम्मत नहीं हो पाई है। गदेरे में पानी कम रहने पर बिजली के खंभे के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। पानी बढ़ने पर पोल हटाने पड़ते हैं और जंगल के रास्ते चार किमी अतिरिक्त पैदल चलकर गजा पहुंच रहे हैं। आपदा से बंधाण, तलाई, पुनगड्डू, ढाई गल्ला, काटलनोडू और पसर गांव के संपर्क मार्ग और पेयजल लाइनें भी ध्वस्त हो गई थी। रबड़ की पाइप लगाकर किसी तरह पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन बरसात में पाइप भी बह जाते हैं। इस बाबत तहसीलदार मंजू राजपूत ने कहा कि पसर गांव में आपदा से हुए नुकसान का मामला संज्ञान में नहीं है। गांव का स्थलीय निरीक्षण के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन